नई दिल्ली- देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार, 30 जुलाई को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। अगले 9 घंटों के दौरान कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने की संभावना है। वहीं, असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहां अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
दिल्ली-यूपी समेत 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण एक अगस्त तक कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
यूपी में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, नोएडा समेत कई शहरों में तेज बारिश, बिजली चमकने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा की भी चेतावनी दी है।
किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
आईएमडी ने किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और बिजली गिरने की आशंका वाले स्थानों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
असम में बाढ़ का कहर जारी, 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, बिश्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) सहित 7 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। कुल 21 राजस्व सर्किल और 551 गांव जलमग्न हैं, जबकि 3,00,031 लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
21 हजार हेक्टेयर फसलें जलमग्न, राहत अभियान जारी
बाढ़ के कारण करीब 21,523 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। ताजा घटनाओं में शिवसागर से दो और गोलाघाट से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हुई हैं।