नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। बुधवार को भारत के हेवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र ने पुरुषों के 90 किग्रा+ वर्ग के क्वार्टर फाइनल में समोआ के माइकल सेको को कड़े मुकाबले में 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ ही भारत के खाते में एक और पदक तय हो गया है। अब नरेंद्र की नजर सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाने और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने पर होगी।
दबाव में भी नहीं डगमगाए नरेंद्र
क्वार्टर फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही रोमांचक रहा। पहले राउंड में मुकाबला बराबरी का रहा और स्कोर काफी करीबी रहा। हालांकि दूसरे और तीसरे राउंड में नरेंद्र ने अपने अनुभव और आक्रामक रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया। निर्णायक क्षणों में उन्होंने बेहतर पंच लगाए और जजों को प्रभावित किया। मुकाबले के अंत में तीन जजों ने नरेंद्र के पक्ष में फैसला दिया, जबकि दो जजों ने समोआ के मुक्केबाज को बढ़त दी। स्प्लिट डिसीजन के बावजूद जीत भारत के नाम रही।
सेमीफाइनल में पहुंचते ही तय हुआ पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले सभी मुक्केबाजों को कम से कम कांस्य पदक मिलता है। ऐसे में नरेंद्र ने भारत के लिए एक और मेडल सुनिश्चित कर दिया है। अब अगर वह अगला मुकाबला जीतते हैं तो फाइनल में पहुंचेंगे और गोल्ड मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे।
भारतीय बॉक्सिंग टीम का दमदार अभियान
इस बार भारतीय मुक्केबाज शानदार लय में नजर आ रहे हैं। नरेंद्र से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं।
इनमें शामिल हैं—
- प्रीति
- प्रिया
- जादुमनी सिंह
- साक्षी
- अरुंधति चौधरी
- सचिन सिवाच
- अंकुश
इन खिलाड़ियों ने भी अपने-अपने वर्ग में शानदार जीत दर्ज कर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किए हैं।
महिला मुक्केबाजों ने भी बढ़ाया देश का मान
महिलाओं की स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। प्रिया ने 60 किलोग्राम वर्ग में स्कॉटलैंड की प्रतिद्वंद्वी को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। वहीं प्रीति ने 54 किलोग्राम वर्ग में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए अपने मुकाबले में जीत दर्ज की। इसके अलावा साक्षी और अरुंधति चौधरी ने भी अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया।
सचिन सिवाच और जादुमनी सिंह ने भी दिलाई खुशी
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और जादुमनी सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया।
भारत की नजर अब गोल्ड पर
भारतीय मुक्केबाजों के लगातार शानदार प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत बॉक्सिंग में बड़ा इतिहास रच सकता है। कई खिलाड़ी अब गोल्ड मेडल से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अगर यही लय बरकरार रही तो भारतीय बॉक्सिंग दल इस संस्करण में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी या उससे बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।