भोपाल। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानवाधिकार, समानता और सरकार की जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा संदेश दिया। भोपाल की आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन-प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में CM ने कहा कि मानवाधिकार सरकार के लिए सर्वोपरि हैं और हर व्यक्ति को समान अवसर एवं सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान उन्होंने आयोग की विषय आधारित ‘स्मारिका’ और डायरी का विमोचन किया। साथ ही मिशन कर्मयोगी के तहत ‘साधना सप्ताह’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
‘हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार’, मानवाधिकार आयोग के मंच से CM का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग 32 वर्ष का पड़ाव पूरा कर रहा है। आयोग का ध्येय वाक्य ‘हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार’ है। उन्होंने कहा कि समानता का यह भाव भारतीय सनातन परंपरा में लंबे समय से मौजूद रहा है। वेद वाक्य ‘यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे’ का उल्लेख करते हुए CM ने कहा कि जो भाव हमारे भीतर है, वही व्यापक रूप से पूरी सृष्टि में भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में केवल मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रकृति और समस्त जीव-जगत के प्रति भी इसी भावना को महत्व दिया गया है।
मानवाधिकार की बात करते हुए CM ने कांग्रेस पर क्यों साधा निशाना?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि गुलामी की मानसिकता में रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में ऐसे लोगों को महिमामंडित किया गया, जिन्होंने देश को गुलाम बनाए रखा था और उनके नाम पर मार्गों के नाम तक रखे गए। CM ने कहा कि आज दुनिया भारत और उसकी विशेषताओं को समझ रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर मानवाधिकार का विषय और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
नक्सलवाद का जिक्र कर बोले CM- वोट की राजनीति के कारण नहीं हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में नक्सलवाद की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण समाज के सामने कई चुनौतियां खड़ी हुईं। CM ने आरोप लगाया कि वोट की राजनीति के चलते नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित करे।
‘जीयो और जीने दो’ के अधिकार का PM मोदी से जोड़ा जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं। उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मानवाधिकार के आधार पर देश के नागरिकों की जान बचाने के साथ दुनिया के दूसरे देशों को भी दवाइयां उपलब्ध कराईं। CM ने इसे ‘जीयो और जीने दो’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि इस अधिकार को फिर से स्थापित किया गया।
CM बोले- दुनिया में नकारात्मक माहौल, मानवाधिकार पर भी लाभ का असर
डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया के कई देशों में मौजूदा समय में नकारात्मक माहौल बना हुआ है। उनके मुताबिक, कई देश मानवाधिकार की बात करते हैं, लेकिन अपने हितों और लाभ को भी प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सोच इससे अलग है और मानवाधिकार को केवल किसी एक वर्ग तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता।
सरकार का संकल्प- हर व्यक्ति को मिले समान अवसर और सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार का संकल्प है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। मानव अधिकार आयोग भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्थापना दिवस पर अधिकारियों-कर्मचारियों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित ‘साधना सप्ताह’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की ओर से प्रकाशित विषय आधारित स्मारिका और डायरी का भी विमोचन किया गया।
32 साल पूरे कर चुका है मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के स्थापना दिवस कार्यक्रम में मानवाधिकारों की सुरक्षा, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर चर्चा हुई। 32वें स्थापना दिवस के मौके पर सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया कि नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ सम्मानजनक जीवन और समान अवसर उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।