नई दिल्ली - लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में घायल छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र हाई पावर कमेटी गठित की जानी चाहिए। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदर्शन के दौरान घायल हुए शेख इरशाद मंसूरी की मेडिको-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार और संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी के बजाय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित हाई पावर कमेटी से कराई जाए, ताकि पूरे मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।
MLC रिपोर्ट के बाद फिर गरमाया मामला
राहुल गांधी की यह मांग उस समय सामने आई है, जब घायल छात्र शेख इरशाद मंसूरी की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया, जबकि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पहले ही अपना पक्ष रख चुकी है।
सियासी बयानबाजी तेज
छात्र आंदोलन और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्ष लगातार स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर अलग-अलग मंचों पर जवाब दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीति दोनों में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।