कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से दो और पदक अपने नाम किए हैं। लवप्रीत सिंह ने पुरुष +110 किग्रा वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीता, जबकि सीमा कलिरामना महिला डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक के साथ पोडियम पर पहुंचीं। इन दोनों पदकों के बाद 30 जुलाई के मुकाबलों की समाप्ति तक भारत के कुल पदकों की संख्या 17 हो गई। इनमें तीन स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य शामिल हैं। भारत पदक तालिका में 10वें स्थान पर रहा।
स्नैच के तीनों प्रयास सफल, 176 किग्रा पर बनाया गेम्स रिकॉर्ड
लवप्रीत सिंह ने स्नैच राउंड में शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बना ली थी। उन्होंने पहले प्रयास में 168 किग्रा और दूसरे प्रयास में 173 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। तीसरे प्रयास में भारतीय वेटलिफ्टर ने 176 किग्रा उठाते हुए नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड कायम कर दिया। स्नैच राउंड के बाद वह न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी से 10 किलोग्राम आगे थे और गोल्ड मेडल के सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे थे।
क्लीन एंड जर्क में 217 किग्रा का अंतिम प्रयास रहा असफल
क्लीन एंड जर्क में लवप्रीत ने अपना पहला प्रयास 205 किग्रा से शुरू किया और इसे आसानी से पूरा किया। दूसरे प्रयास में उन्होंने 212 किग्रा उठाकर अपना कुल वजन 388 किग्रा तक पहुंचा दिया। गोल्ड मेडल सुरक्षित करने के लिए लवप्रीत ने अंतिम प्रयास में 217 किग्रा का वजन चुना। वह वजन को क्लीन करने में सफल रहे, लेकिन जर्क पूरा नहीं कर सके। उनका तीसरा प्रयास असफल घोषित कर दिया गया।
डेविड लिटी की 223 किग्रा लिफ्ट ने बदला गोल्ड का फैसला
न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने स्नैच में 166 किग्रा उठाया था। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में 207 किग्रा और दूसरे प्रयास में सीधे 223 किग्रा का वजन उठाकर बड़ा उलटफेर कर दिया। लिटी का 223 किग्रा क्लीन एंड जर्क नया गेम्स रिकॉर्ड रहा। उनका कुल वजन 389 किग्रा हो गया और वह लवप्रीत से केवल एक किलोग्राम आगे निकल गए। लिटी को गोल्ड और लवप्रीत को सिल्वर मिला। इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ्स ने 356 किग्रा के कुल प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता।
पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के ब्रॉन्ज को सिल्वर में बदला
लवप्रीत का यह लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है। उन्होंने बर्मिंघम 2022 में पुरुष 109 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था। ग्लासगो में उन्होंने अपने प्रदर्शन को एक स्तर बेहतर करते हुए रजत पदक जीता। हालांकि, केवल एक किलोग्राम से गोल्ड चूकना उनके लिए निराशाजनक रहा, लेकिन स्नैच में बनाया गया रिकॉर्ड उनके प्रदर्शन को खास बनाता है।
सीमा का तीसरा थ्रो बना पदक की दूरी
महिला डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा कलिरामना की शुरुआत फाउल से हुई। दूसरे प्रयास में उन्होंने 57.32 मीटर का थ्रो करते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई। तीसरे राउंड में सीमा ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और डिस्कस 58.65 मीटर दूर फेंका। यही उनका पदक जिताने वाला सर्वश्रेष्ठ प्रयास रहा। सीमा चौथे, पांचवें और छठे प्रयास में वैध थ्रो दर्ज नहीं कर सकीं। छह प्रयासों में उनके केवल दो थ्रो वैध रहे, लेकिन तीसरे राउंड की दूरी उन्हें पोडियम पर बनाए रखने के लिए पर्याप्त साबित हुई।
सामंथा हॉल ने जीता गोल्ड, जूलिया टंक्स को सिल्वर
जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ महिला डिस्कस थ्रो का स्वर्ण पदक जीता। कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। सीमा का 58.65 मीटर का थ्रो तीसरे स्थान पर रहा और उन्हें कांस्य पदक मिला।
निधि रानी पदक से चूकीं, 57.10 मीटर के साथ चौथे स्थान पर
भारत की दूसरी डिस्कस थ्रोअर निधि रानी भी पदक के करीब पहुंची थीं। उन्होंने पहले प्रयास में 53.19 मीटर और दूसरे प्रयास में 55.67 मीटर का थ्रो किया। तीसरे प्रयास में निधि ने 57.10 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ दूरी हासिल की, लेकिन वह सीमा को पीछे नहीं छोड़ सकीं। निधि चौथे स्थान पर रहीं और केवल 1.55 मीटर के अंतर से कांस्य पदक से चूक गईं।
मां बनने के बाद सीमा की मजबूत वापसी
सीमा कलिरामना का पदक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने मातृत्व के बाद प्रतिस्पर्धी खेल में वापसी की है। वह एक छोटे बेटे की मां हैं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय खेल करियर को आगे बढ़ा रही हैं। खेल के साथ सीमा शारीरिक शिक्षा में पीएचडी शोध भी कर रही हैं। उनकी रिसर्च एथलीट के प्रदर्शन पर मानसिक कल्पना और सकारात्मक आत्म-संवाद के प्रभाव से संबंधित है। उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में वापसी करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन किया और ग्लासगो में अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स पदक तक पहुंचीं।
भारत के पदकों की संख्या 17 हुई
लवप्रीत सिंह का सिल्वर और सीमा कलिरामना का ब्रॉन्ज मिलने के बाद Day 8 की समाप्ति तक भारत के पदकों की संख्या 17 हो गई।
भारत के पदकों की संख्या 17 हुई
लवप्रीत सिंह का सिल्वर और सीमा कलिरामना का ब्रॉन्ज मिलने के बाद Day 8 की समाप्ति तक भारत के पदकों की संख्या 17 हो गई।
| पदक | संख्या |
|---|---|
| गोल्ड | 3 |
| सिल्वर | 10 |
| ब्रॉन्ज | 4 |
| कुल | 17 |
भारत उस समय पदक तालिका में 10वें स्थान पर था। खेलों के आगामी मुकाबलों के साथ पदक संख्या और रैंकिंग में बदलाव हो सकता है।
प्रमुख भारतीय परिणाम एक नजर में
| खिलाड़ी | स्पर्धा | प्रदर्शन | परिणाम |
|---|---|---|---|
| लवप्रीत सिंह | पुरुष +110 किग्रा वेटलिफ्टिंग | 388 किग्रा | सिल्वर |
| सीमा कलिरामना | महिला डिस्कस थ्रो | 58.65 मीटर | ब्रॉन्ज |
| निधि रानी | महिला डिस्कस थ्रो | 57.10 मीटर | चौथा स्थान |