भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। इसको लेकर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने शिक्षक भर्ती परीक्षा अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की आवाज को गंभीरता से नहीं सुन रही है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और अभ्यर्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करे।
त्योहार के दिन भी आंदोलन को मजबूर महिलाएं
अभिनव बरौलिया ने कहा कि आज तीजा और गणेश चतुर्थी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं। इसके बावजूद कई महिलाएं अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के बजाय आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए त्योहारों का विशेष महत्व होता है, लेकिन शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताया और कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की परेशानियों को समझना चाहिए।
कांग्रेस का आरोप- सरकार कर रही सिर्फ बयानबाजी
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से केवल बयान दिए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बरौलिया ने कहा कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बातों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सरकार से कहा कि वह आंदोलन को नजरअंदाज करने के बजाय अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे। कांग्रेस का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध समाधान जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों को लंबे समय तक आंदोलन न करना पड़े।
सरकार से बातचीत कर समाधान निकालने की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की मांगों को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सरकार आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अभ्यर्थियों से चर्चा करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए स्पष्ट रोडमैप सामने रखे। फिलहाल भोपाल में जारी इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के हमले के बाद अब सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।