मुंबई, 14 सितंबर 2026 | दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में CBI ने FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी को मामले की जांच करने और दिशा के पिता सतीश सालियन का बयान दर्ज कर FIR रजिस्टर करने का आदेश दिया था। इसके बाद CBI ने सोमवार को औपचारिक मामला दर्ज किया। CBI ने इससे पहले शुक्रवार को दिशा के पिता सतीश सालियन का बयान भी दर्ज किया था। अब एजेंसी दिशा की मौत से जुड़े सभी पहलुओं और परिस्थितियों की नए सिरे से जांच करेगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए थे सवाल
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस रणजीतसिंह भोंसले की डिवीजन बेंच ने इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि करीब छह साल बीतने के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई और जांच लंबे समय तक केवल Accidental Death Report यानी ADR तक सीमित रही। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि अब तक हुई जांच “जवाबों से ज्यादा सवाल खड़े करती है।”
हाईकोर्ट ने कहा- FIR का मतलब कोई दोषी नहीं
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि हाईकोर्ट ने CBI को FIR दर्ज करने का आदेश देते हुए साफ कहा था कि किसी भी व्यक्ति को सिर्फ शिकायत में नाम होने के आधार पर आरोपी नहीं माना जाए। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तभी होनी चाहिए जब जांच अधिकारी को एकत्र सामग्री के आधार पर उसके खिलाफ उचित संदेह के पर्याप्त आधार मिलें। इसलिए FIR में किसी व्यक्ति का नाम सामने आना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा सालियन की मौत
दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत से गिरने के बाद हुई थी। मुंबई पुलिस ने उस समय मामले में Accidental Death Report दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में दोनों मामलों के बीच संभावित संबंध को लेकर कई तरह की अटकलें लगती रहीं। लेकिन केवल दोनों घटनाओं की तारीखों की नजदीकी से उनके बीच संबंध स्थापित नहीं होता। अब CBI जांच में यदि कोई प्रमाणित कड़ी सामने आती है तभी उसके आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
दिशा के पिता ने दायर की थी याचिका
दिशा के पिता सतीश सालियन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बेटी की मौत की CBI जांच और FIR दर्ज करने की मांग की थी। उनकी याचिका में हत्या, यौन हिंसा और कथित कवर-अप जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। ये आरोप फिलहाल परिवार की शिकायत और जांच का विषय हैं, स्थापित तथ्य नहीं। हाईकोर्ट ने इन्हीं आरोपों की सत्यता तय नहीं की, बल्कि परिस्थितियों की स्वतंत्र और विस्तृत जांच कराने के लिए मामला CBI को सौंपा।
अब CBI किन पहलुओं की करेगी जांच?
हाईकोर्ट ने CBI के जांच अधिकारी को दिशा की मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों और पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया है। एजेंसी घटनास्थल, पुराने पुलिस रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, मेडिकल और फॉरेंसिक दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड तथा दिशा की मौत से पहले और बाद की घटनाओं का परीक्षण कर सकती है। जांच के शुरुआती चरण में ही किसी कथित साजिश, हत्या या किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम निष्कर्ष की तरह पेश करना उचित नहीं होगा।
Sushant Singh Rajput Case में CBI ने क्या कहा था?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच भी CBI ने की थी। मार्च 2025 में एजेंसी ने संबंधित अदालतों में closure reports दाखिल करते हुए कहा था कि जांच में हत्या या किसी अन्य foul play का प्रमाण नहीं मिला और मामला suicide का था। हालांकि closure report दाखिल होना अपने आप में न्यायिक रूप से मामला समाप्त होना नहीं होता। संबंधित अदालत को रिपोर्ट स्वीकार करने, आगे जांच का आदेश देने या अन्य कानूनी विकल्प पर फैसला करना होता है।
अब दिशा सालियन केस में आगे क्या होगा?
CBI अब FIR के आधार पर नियमित जांच करेगी। एजेंसी गवाहों से पूछताछ कर सकती है, पुराने दस्तावेज दोबारा जांच सकती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध सबूतों के आधार पर CBI अदालत में charge sheet या closure report पेश कर सकती है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि दिशा सालियन की मौत का मामला अब औपचारिक CBI जांच के दायरे में आ गया है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष घोषित करना जल्दबाजी होगी।