राजस्थान के नगर निकाय चुनावों की मतगणना में बीजेपी ने बढ़त बनाई हुई है। कुल 309 निकायों में से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 136 निकायों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 117 निकायों में बढ़त बनाए हुए है। वहीं 56 नगर निकायों में अन्य दलों को बढ़त मिल रही है।नगर परिषदों की बात करें तो 21 पर बीजेपी और 17 पर कांग्रेस आगे है। वहीं नगर पालिकाओं में बीजेपी 108 और कांग्रेस 98 पर बढ़त बनाए हुए है।
केजरीवाल ने बताया ‘बदलाव की हवा’
निकाय चुनाव के नतीजों पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी अब बदलाव की हवा चलने लगी है।केजरीवाल ने बारां का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के इलाके में ‘झाड़ू’ चल गई है और आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
बीजेपी ने 5 नगर निगमों में बहुमत हासिल किया
नगर निगम स्तर पर भी बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत रहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बीजेपी ने अब तक 5 नगर निगमों में बहुमत हासिल किया है, जबकि एक नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत मिला है। वहीं 4 नगर निगमों में मतगणना जारी बताई गई है।इस चुनाव में कई बड़े राजनीतिक चेहरों के इलाकों में भी उनकी पार्टी को झटका लगा है।
दिग्गजों के गढ़ में उलटफेर
राजस्थान निकाय चुनाव में कई हाई-प्रोफाइल इलाकों के नतीजे चर्चा में हैं।
जोधपुर नगर निगम में अशोक गहलोत के वार्ड से कांग्रेस हार गई, जबकि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड से बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इलाके झालावाड़ में कांग्रेस ने नगर परिषद की 45 में से 29 सीटों पर जीत दर्ज की है।
जयपुर में AIMIM ने खोला खाता
जयपुर के नगर निकाय चुनाव में AIMIM ने भी अपना खाता खोल लिया है। भट्टाबस्ती इलाके से AIMIM प्रत्याशी फिरोजा बानो ने जीत दर्ज की।AIMIM राजस्थान में 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, जिनमें से 2 सीटों पर जीत हासिल करने की जानकारी सामने आई है।
एक वोट पाने वाला उम्मीदवार भी चर्चा में
डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 का परिणाम भी चर्चा में रहा। यहां बीजेपी उम्मीदवार कैलाशचंद को सिर्फ एक वोट मिला।
निकाय चुनाव में कई सियासी समीकरण बदले
राजस्थान के इन निकाय चुनावों को राज्य की स्थानीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कई बड़े नेताओं के प्रभाव वाले इलाकों में उनकी ही पार्टी के उम्मीदवारों को हार मिली है।वहीं चुनाव परिणामों में बीजेपी की बढ़त, कांग्रेस के प्रदर्शन और AAP समेत अन्य दलों की मौजूदगी ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा को बढ़ा दिया है।