नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अलग-अलग रंग दिखा रहा है। कहीं लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं, तो कहीं मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार सहित कई राज्यों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यूपी में उफान पर गंगा समेत 10 नदियां
उत्तरप्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कुछ कमजोर हुई हैं, लेकिन उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश की नदियों पर साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, घाघरा-सरयू समेत करीब 10 प्रमुख नदियां उफान पर बह रही हैं।
बिजनौर जिले में गंगा का जलस्तर इतना बढ़ गया कि बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे के ऊपर से पानी बहने लगा। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी किनारे के क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। बाढ़ संभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गुजरात में भारी बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद
गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने लोगों से आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की भी खबरें हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उत्तराखंड के दो जिलों में भी शिक्षण संस्थान बंद
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।संवेदनशील इलाकों में जिला प्रशासन और आपदा राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान में मानसून कमजोर, गर्मी ने बढ़ाई परेशानी
जहां देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी ने फिर जोर पकड़ लिया है। जैसलमेर और बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है। दिन के समय तेज धूप और उमस के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश में सक्रिय हैं मानसून के तीन मजबूत सिस्टम
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश पर तीन मजबूत मौसम प्रणालियां (स्ट्रॉन्ग सिस्टम) एक साथ प्रभावी हैं, जिसके कारण विशेष रूप से पश्चिमी जिलों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।प्रशासन ने संबंधित जिलों को अलर्ट रहने और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।