दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतदान समाप्त होते ही चुनाव मैदान में उतरे सभी 21 प्रत्याशियों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में कैद हो गई। मतदान में इस्तेमाल की गई सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है।
चुनाव आयोग ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं, ताकि मतगणना तक ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित रहें। इसके बावजूद कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए स्ट्रांग रूम के बाहर अपने कार्यकर्ताओं की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की है।
291 मतदान केंद्रों की ईवीएम सुरक्षित रखी गईं
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए बनाए गए सभी 291 मतदान केंद्रों से मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत स्ट्रांग रूम तक पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रशासन, पुलिस और चुनाव अधिकारियों की निगरानी रही। मशीनों को सीलबंद कर सुरक्षित तरीके से स्ट्रांग रूम में रखा गया, जहां अब मतगणना तक किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, CCTV से हर पल निगरानी
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया है। बाहरी घेरे से लेकर स्ट्रांग रूम के प्रवेश द्वार तक पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पूरे परिसर में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कैमरों की लाइव फुटेज का डिस्प्ले स्ट्रांग रूम के बाहर भी लगाया गया है। इससे राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि और प्रत्याशियों के एजेंट भी सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख सकते हैं।
कांग्रेस ने स्ट्रांग रूम के बाहर संभाला मोर्चा
सुरक्षा के तमाम इंतजामों के बावजूद कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतगणना से पहले किसी भी प्रकार की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से कांग्रेस ने स्ट्रांग रूम के बाहर 24 घंटे निगरानी रखने का निर्णय लिया है।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई है, ताकि दिन-रात कोई न कोई प्रतिनिधि स्ट्रांग रूम के बाहर मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम केवल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं के विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
71.44 प्रतिशत मतदान ने बढ़ाई उत्सुकता
दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसे चुनावी दृष्टि से उत्साहजनक मतदान माना जा रहा है। अच्छी वोटिंग के बाद राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला अब ईवीएम में सुरक्षित जनादेश ही करेगा।
3 अगस्त को फैसला
अब पूरे जिले की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इसी दिन ईवीएम की सील खुलेगी और स्पष्ट होगा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में जनता ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है। 21 प्रत्याशियों के बीच मुकाबले का परिणाम सामने आने के साथ ही यह भी तय हो जाएगा कि विधानसभा में इस सीट का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।
चुनाव आयोग ने मतगणना को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं तक हर स्तर पर प्रशासन सतर्क है, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और विवादमुक्त ढंग से संपन्न हो सके।