रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य की वर्षों पुरानी रेल कनेक्टिविटी की मांग को गति देते हुए कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर राज्य की विभिन्न लंबित रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह तय किया गया कि कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) के माध्यम से विकसित किया जाएगा।
करीब 295 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण के साथ मार्ग में 27 नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, कृषि, पर्यटन और खनिज परिवहन को भी नई दिशा देगी।
पहली बार कई क्षेत्रों को मिलेगा रेल संपर्क
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रस्तावित रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी। इस मार्ग में कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं, जहां आज तक रेलवे की सुविधा उपलब्ध नहीं रही। रेल लाइन बनने से इन इलाकों के लोगों को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा।उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर परियोजना के वित्तीय एवं तकनीकी कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।
उद्योग, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल लाइन बनने से राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों से परिवहन आसान होने के कारण उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जबकि पर्यटन स्थलों तक बेहतर रेल संपर्क बनने से पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलेगी।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए भी इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी।
रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना की प्रगति पर भी हुई समीक्षा
बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
तीन नई रेल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने की मांग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री से राज्य की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को भी शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। इनमें शामिल हैं—
सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर रेल लाइन (244 किमी)
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल लाइन (301 किमी)
अंबिकापुर–बरवाडीह रेल लाइन (200 किमी)
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
बस्तर क्षेत्र की दो अन्य परियोजनाओं पर भी चर्चा
बैठक के दौरान किरंदुल–कोठागुडेम (180 किमी) तथा गढ़चिरोली–बीजापुर–किरंदुल (बचेली) (490 किमी) रेल परियोजनाओं के सर्वे कार्य की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का सर्वे जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया, ताकि आगे की स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।
रेल मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में रेल अधोसंरचना का विस्तार केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और लंबित परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र सरकार का आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ रेलवे विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नई रेल परियोजनाएं राज्य के औद्योगिक विकास, कृषि, पर्यटन, खनिज परिवहन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।