कुर्सियांग/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पहले पहाड़ दौरे से उत्तर बंगाल की राजनीति में भारी हलचल मच गई है। कुर्सियांग के प्रशासनिक दौरे और जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर 'गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन' (GTA) में हुए कथित घोटालों की फाइलें खोलने का साफ संकेत दे दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के सबसे कड़े नारे को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से गरजकर कहा, "ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इस बड़ी घोषणा और पहाड़ पर जल्द ही पारदर्शी तरीके से बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियों की बहाली के वादे से स्थानीय युवाओं और आम जनता के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।
CBI जांच का दिया हवाला, पिछली सरकार पर साधा निशाना
कुर्सियांग के गोथल्स ग्राउंड में आयोजित 'जन कल्याण शिविर' और जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती तृणमूल (TMC) सरकार के कार्यकाल को 'नेगेटिव सरकार का दौर' करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय न तो युवाओं को सही तरीके से रोजगार मिला और ऊपर से जीटीए (GTA) के जरिए शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।
गौरतलब है कि सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने जीटीए के तहत हुए इस शिक्षक भर्ती घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश पहले ही दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस जांच को इसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
पहाड़ के युवाओं के लिए खुशखबरी: पुलिस और शिक्षकों की होगी पारदर्शी बहाली
घोटालों पर कड़ा प्रहार करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने पहाड़ के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा पिटारा खोला। उन्होंने घोषणा की:
पारदर्शी शिक्षक भर्ती: जीटीए ने अतीत में बैकडोर से जो अवैध भर्तियां की थीं, हमारी सरकार वैसा बिल्कुल नहीं करेगी। अब शिक्षकों की सभी नियुक्तियां कड़े नियमों और परीक्षाओं के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होंगी।
पुलिस विभाग में बंपर भर्ती: आने वाले कुछ ही महीनों के भीतर पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसका सीधा लाभ पहाड़ के योग्य युवाओं को मिलेगा।
"मैं यहाँ काम करने आया हूँ, सैर करने नहीं"
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा जुबानी हमला बोलते हुए कहा, "पहले की मुख्यमंत्री सिर्फ एक 'पर्यटक' की तरह पहाड़ पर घूमने आती थीं, उन्हें यहाँ के विकास से कोई सरोकार नहीं था। लेकिन आपका यह भाई सुवेंदु यहाँ घूमने या छुट्टियां मनाने नहीं आया है। मैं यहाँ काम करने आया हूँ और 'डबल इंजन सरकार' का हर एक फायदा पहाड़ के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचा कर रहूंगा।"
पहाड़ में क्यों है खुशी का माहौल?
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के युवा रोजगार की कमी और जीटीए में हो रहे भ्रष्टाचार से परेशान थे। अब राज्य के प्रशासनिक प्रमुख द्वारा खुद भ्रष्टाचार की जांच करने और पारदर्शी तरीके से पुलिस व शिक्षा विभाग में नौकरी देने के वादे ने युवाओं के बीच एक नया भरोसा जगाया है। इसी वजह से मुख्यमंत्री के इस दौरे और कुर्सियांग के गोथल्स ग्राउंड में चल रहे जन कल्याण शिविर को लेकर जनता में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।