लखनऊ उत्तर प्रदेश में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी, उमस और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार के इस निर्णय से लाखों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। नए आदेश के अनुसार अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे 25 जून तक स्कूल नहीं जाएंगे, जबकि शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 22 जून से विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।
भीषण गर्मी और मौसम की चेतावनी बनी वजह
प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग की रिपोर्टों में भी कई क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं माना गया। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवकाश बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि बच्चों को गर्मी से होने वाली बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके।
25 जून तक बंद रहेंगे परिषदीय विद्यालय
नए आदेश के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं 25 जून तक अवकाश पर रहेंगे। पहले विद्यालयों को इससे पहले खोलने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद अवकाश अवधि बढ़ा दी गई। इससे प्रदेश के लाखों बच्चों को कुछ और दिनों तक घर पर सुरक्षित रहने का अवसर मिलेगा।
22 जून से स्कूल पहुंचेंगे शिक्षक और कर्मचारी
जहां छात्रों को अतिरिक्त अवकाश दिया गया है, वहीं शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 22 जून से विद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवधि में शिक्षक नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां करेंगे। विद्यालयों में नामांकन अभियान, छात्र सूची का सत्यापन, पाठ्यपुस्तकों का वितरण, कक्षाओं की व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरे किए जाएंगे। विभाग चाहता है कि बच्चों के स्कूल लौटने तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के शुरू हो सकें।
नए सत्र की तैयारियों पर रहेगा फोकस
अवकाश के दौरान विद्यालयों में विभिन्न व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। शिक्षकों को नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान करने और उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने जैसे कार्यों की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। इसके अलावा स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा भी की जाएगी ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके।
अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत
सरकार के इस फैसले का कई अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि मौजूदा मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा था। तेज गर्मी और उमस के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में छुट्टियां बढ़ाने का निर्णय बच्चों के हित में है और इससे अभिभावकों की चिंता भी कम होगी।
मौसम सामान्य होने पर शुरू होंगी नियमित कक्षाएं
शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि परिस्थितियां सामान्य रहती हैं तो 26 जून से विद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जाएंगी। हालांकि मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव होने पर विभाग आवश्यकतानुसार आगे भी निर्णय ले सकता है।