अल-कायदा से जुड़े पब्लिकेशन ने अमेरिकी और इजरायली यात्रियों वाले विमानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के बाद यह बयान सामने आया है। संगठन समर्थक साप्ताहिक प्रकाशन अल-बयान के ताजा अंक में अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि युद्ध खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका इजरायल और इस्लाम के खिलाफ लड़ने वालों को ले जाने वाले विमान अब भी आसमान में उड़ रहे हैं और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
फ्लाईदुबई हमले से जुड़ी जांच
ताजा मामला फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हमामी से जुड़ी जांच के बीच सामने आया है। ओमानी नागरिक अल-हमामी ने 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया था और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की थी। जांच के दौरान उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पड़ताल की जा रही है। इनमें अल-कायदा के पूर्व प्रमुखों से जुड़े कंटेंट मिले हैं। इजरायली अधिकारियों ने उसके चरमपंथी विचारधारा के संपर्क में आने की बात कही है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं।
हमलावर की विचारधारा पर इजरायली बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमलावर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित था और विमान को यात्रियों समेत गिराने का इरादा रखता था। इजरायली अधिकारियों ने भी उसके चरमपंथी विचारधारा के संपर्क में आने की पुष्टि की है। अल-हमामी के नाम से जुड़े सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री ने जांच को एक नया पहलू दिया है। इन अकाउंट्स पर कुछ पोस्ट में कॉकपिट से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री दिखाई दी। सुरक्षा एजेंसियां इन लिंक की जांच कर रही हैं। पूरे मामले ने हवाई सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंता
अल-कायदा समर्थक प्रकाशन के इस बयान के बाद अमेरिका और इजरायल सहित कई देशों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। फ्लाईदुबई जैसी वाणिज्यिक उड़ानों को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है। 9/11 का जिक्र करते हुए दी गई धमकी ने पुरानी आतंकी चुनौतियों को फिर याद दिला दिया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी धमकियों को गंभीरता से लेना जरूरी है। जांच एजेंसियां हमलावर के संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल कर रही हैं।
आगे की जांच और सतर्कता
फ्लाईदुबई हमले की जांच अभी जारी है और सोशल मीडिया सामग्री समेत सभी पहलुओं पर काम चल रहा है। अल-कायदा समर्थक प्रकाशन के बयान ने पूरे प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। हवाई यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है। जांच के नतीजे आने तक पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।