ढाका/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2026) में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश में सुरक्षात्मक हलचल तेज हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BGB) को भारत-बांग्लादेश सीमा पर 'अत्यधिक सतर्क' रहने का निर्देश दिया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत की ओर से किसी भी तरह के 'पुश-बैक' (जबरन वापसी) की तत्काल कोई संभावना नहीं दिख रही है।
BGB को 'अलर्ट' रहने का आदेश
बुधवार को ढाका के ओसमानी स्मृति मिलनयतन में जिलाधिकारियों के सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने पत्रकारों से बात की। जब उनसे पूछा गया कि क्या बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद भारत से 'पुश-इन' (घुसपैठ) बढ़ सकती है, तो उन्होंने कहा: "हमने मंगलवार को ही अपनी सीमा सुरक्षा वाहिनी (BGB) को निर्देश दे दिया है कि वे सीमाओं पर अलर्ट रहें। यह एक एहतियाती कदम है।"
'पुश-बैक' पर क्या बोले गृह मंत्री?
भारत से अवैध निवासियों को बांग्लादेश भेजने की संभावना पर सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, "हमें ऐसी कोई संभावना नहीं दिखती। फिर भी, यदि ऐसी कोई स्थिति पैदा होती है, तो हम उससे निपटने के लिए तैयार हैं। लेकिन मुझे लगता है कि ऐसी कोई घटना नहीं होगी।"
भारत-बांग्लादेश संबंधों में नए अध्याय की उम्मीद
बांग्लादेश में अंतःकालीन सरकार के समय नई दिल्ली और ढाका के बीच कूटनीतिक तनाव देखा गया था। लेकिन अब तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP सरकार बनने के बाद दोनों देश संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दिशा में भारत ने दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में नया राजदूत नियुक्त किया है। बांग्ला भाषी होने के कारण दिनेश त्रिवेदी को बंगाली संस्कृति, रवींद्रनाथ और नजरूल के साहित्य की गहरी समझ है। जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।फिलहाल, बांग्लादेश सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सीमा पर किसी भी तरह की अस्थिरता पैदा न हो।