न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों पर कड़ा जवाब दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बताने और उसके परिणामों से बचने के लिए तर्क पेश करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को भी स्पष्ट रूप से दोहराया।
शहबाज शरीफ के बयान के बाद भारत का जवाब
दरअसल, शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव का जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया था। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की भी सराहना की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का उल्लेख किया।
जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा
शहबाज शरीफ के बयान के जवाब में जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम सीधे लिए बिना कहा कि एक ऐसा पक्ष, जिसे उन्होंने आतंकवाद का लगातार अभ्यास करने वाला बताया, ने संयुक्त राष्ट्र के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को सामान्य बनाने या उसके परिणामों से बचने के लिए दिए जाने वाले तर्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जयशंकर ने साथ ही कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा।
पहलगाम हमले के बाद हुई थी सैन्य कार्रवाई
यह विवाद अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव से जुड़ा है। हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा और 10 मई को संघर्षविराम प्रभावी हुआ।
युद्धविराम को लेकर भारत और पाकिस्तान के दावे अलग
मई 2025 के संघर्षविराम को लेकर भारत और पाकिस्तान के बयानों में अंतर भी सामने आया है। पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप को महत्वपूर्ण बताया गया था। वहीं, भारत लगातार यह कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम सीधे सैन्य स्तर पर हुई बातचीत के बाद हुआ था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।
UN में भारत ने 'राइट टू रिप्लाई' का भी इस्तेमाल किया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत ने 'राइट टू रिप्लाई' के तहत भी जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भारत को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और भारत को लेकर पाकिस्तान के दावों को भी खारिज किया।
पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर भी जयशंकर का जवाब
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान जयशंकर और एक पाकिस्तानी पत्रकार के बीच भी तीखी बातचीत हुई। पत्रकार ने भारत पर पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि भारत सरकार इसे कब बंद करेगी। इस पर जयशंकर ने पलटकर पूछा कि एक कथित आतंकवादी देश उनसे यह सवाल पूछ रहा है? इसके बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने पत्रकार से कहा कि उन्हें जवाब स्पष्ट रूप से मिल चुका है।
आतंकवाद पर भारत का रुख फिर स्पष्ट
संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के जरिए जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराया। भारत का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार उसके पास है। वहीं, पाकिस्तान ने भारत पर लगाए गए अपने आरोपों को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहराया है। दोनों देशों के इन परस्पर विरोधी दावों के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया है।