नई दिल्ली - फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कथित हमले के दौरान अपनी सूझबूझ और साहस से यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे फोन पर करीब छह मिनट बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित की जमकर तारीफ की और उन्हें इजराइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
नेतन्याहू ने बताया भारत और इजराइल का हीरो
फोन पर बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से कहा कि वह भारत और इजराइल के लोगों के सच्चे हीरो हैं। उन्होंने उन्हें पूरी दुनिया का हीरो बताते हुए उनके साहस की सराहना की। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इतने कठिन हालात में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए उनके कदम बेहद अहम थे।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करने की इच्छा जताई। यह सम्मान इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, मशाल जलाने वालों के चयन की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।
को-पायलट ने पहले मांगी थी प्रार्थना की अनुमति
बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से पूछा कि विमान के कॉकपिट में आखिर क्या हुआ था। इस पर भारतीय पायलट ने बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले सह-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी। इसके कुछ ही देर बाद उसने अचानक उन पर हमला कर दिया।
कैप्टन स्मित के मुताबिक, हमले के दौरान उनके सिर पर जोरदार चोट लगी और लगातार वार किए गए। इस बीच विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि दूसरे लोग अंदर आकर हमलावर को रोक सकें।
यात्रियों की जान बचाने में दिखाई सूझबूझ
यह घटना दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान में यात्रियों और चालक दल सहित 182 लोग सवार थे। हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर मोड़कर सुरक्षित उतारा गया। घटना में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हुए।
जांच के बीच सामने आया घटनाक्रम
घटना के बाद सह-पायलट को सऊदी अरब में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, हमले के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और मामले की जांच जारी है। कैप्टन स्मित फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में उपचार करा रहे हैं। नेतन्याहू का यह फोन कॉल ऐसे समय आया है, जब कैप्टन स्मित के साहस और विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए उनके प्रयासों की दुनिया भर में सराहना हो रही है।