नई दिल्ली - माइक्रोसॉफ्ट एज्योर से जुड़े एक बड़े डेटा लीक का दावा सामने आया है। ‘द हैटमैन’ नाम के एक कथित थ्रेट एक्टर ने दावा किया है कि उसने 36.4 लाख से ज्यादा कर्मचारियों से जुड़ा डेटा हासिल किया है और मैकडॉनल्ड्स, TCS, HCL, वोडाफोन, गैप, IHG, काइंड्रिल, हेक्सावेयर और Wyndham जैसी कंपनियों का डेटा ऑनलाइन बेचने की कोशिश की है।
कर्मचारियों की कौन-कौन सी जानकारी लीक होने का दावा?
कथित डेटा में कर्मचारियों के नाम, ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, पते, कर्मचारी आईडी और नौकरी से जुड़ी जानकारी शामिल होने का दावा किया गया है। अगर यह जानकारी वास्तविक साबित होती है, तो इसका इस्तेमाल कर्मचारियों को निशाना बनाकर फिशिंग, पहचान की धोखाधड़ी और सोशल इंजीनियरिंग हमलों में किया जा सकता है।
कंपनियों ने क्या कहा?
हालांकि, इस कथित डेटा लीक की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक TCS और Gap ने अपने सिस्टम में किसी तरह के डेटा ब्रीच से इनकार किया है। ऐसे में फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दावा किया गया डेटा वास्तव में माइक्रोसॉफ्ट एज्योर से चोरी हुआ है या किसी अन्य स्रोत से हासिल किया गया है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक कर्मचारियों से जुड़ी व्यक्तिगत और पेशेवर जानकारी साइबर अपराधियों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है। ऐसी जानकारी के आधार पर अपराधी किसी कर्मचारी, कंपनी या वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर फर्जी ईमेल और मैसेज भेजकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
फिलहाल क्या है स्थिति?
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 36.4 लाख कर्मचारियों के डेटा चोरी होने का दावा अभी अपुष्ट है। इसलिए इसे वास्तविक डेटा ब्रीच मानने से पहले संबंधित कंपनियों और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की आधिकारिक जांच का इंतजार करना जरूरी है। कंपनियों के कर्मचारियों को भी ऐसे ईमेल, लिंक या फोन कॉल से सावधान रहने की सलाह दी जाती है, जिनमें निजी या लॉगिन संबंधी जानकारी मांगी जाए।