वॉशिंगटन / नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान नियमों को कड़ा करने के लिए लाए जा रहे 'सेव अमेरिका एक्ट' (SAVE America Act) के समर्थन में भारत की चुनाव प्रक्रिया का उदाहरण दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने उनके प्रशासन से पूछा था कि बिना वैध फोटो पहचान पत्र (Photo ID) के अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, "इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा था कि आप बिना फोटो ID के चुनाव कैसे करा सकते हैं? भारत के पिछले चुनाव में 64.6 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से 1% से भी कम ने मेल (डाक) से वोट दिया और हर एक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र था। हमें 'सेव अमेरिका एक्ट' तुरंत पास करने की जरूरत है"
अध्यक्षता और हालिया बैठक का संदर्भ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने [भारत निर्वाचन आयोग (ECI)](https://elections24.eci.gov.in) मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान ज्ञानेश कुमार ने उन्हें भारत की चुनावी प्रक्रियाओं, लोकसभा चुनावों और मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC/Voter ID) की प्रणाली के बारे में जानकारी दी थी।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर ट्रंप के बयान का समर्थन किया। गोर ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सही कह रहे हैं और अमेरिकी कांग्रेस को 'सेव अमेरिका एक्ट' पारित करना चाहिए।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
ट्रंप की टिप्पणी पर पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "इस टिप्पणी पर मुझे कोई विशेष बयान नहीं देना है। हालांकि, मैं यह कह सकता हूं कि भारत की चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता और मजबूती वैश्विक स्तर पर स्थापित तथ्य है।"
क्या है 'सेव अमेरिका एक्ट'?
अमेरिका में प्रस्तावित 'सेव अमेरिका एक्ट' का मुख्य उद्देश्य संघीय चुनावों (Federal Elections) में मतदान के लिए अमेरिकी नागरिकता के दस्तावेजी प्रमाण और फोटो पहचान पत्र को अनिवार्य बनाना है। इसके तहत मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने और बिना वैध दस्तावेज वाले लोगों के पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रावधान शामिल है।