संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेन-देन को अगले आदेश तक रोकने का ऐलान किया है। UAE के विदेश मंत्रालय ने यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए लिया है।
दो बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर बढ़ा तनाव
UAE का आरोप है कि ईरान की ओर से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से एक समुद्र में गिरी, जबकि दूसरी UAE के जलक्षेत्र में गिरी। घटना के बाद UAE में कुछ समय के लिए संभावित मिसाइल खतरे को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया था।
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, ईरान ने UAE के आरोपों से इनकार किया है। तेहरान ने मिसाइल हमले से जुड़े दावों को बेबुनियाद बताया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और ज्यादा बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
यह फैसला ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। UAE पहले भी अपने ADNOC से जुड़े जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा चुका है।
आर्थिक रिश्तों पर पड़ेगा सीधा असर
UAE और ईरान के बीच लंबे समय से कारोबारी संबंध रहे हैं और दुबई ईरानी कारोबार के लिए एक अहम व्यापारिक केंद्र रहा है। ऐसे में सभी व्यापारिक और वित्तीय गतिविधियों पर रोक का दोनों देशों के कारोबार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।
UAE ने क्षेत्रीय शांति को बताया वजह
UAE विदेश मंत्रालय के मुताबिक, क्षेत्रीय घटनाक्रम से शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। इसी वजह से ईरान के साथ व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेन-देन को फिलहाल रोकने का फैसला किया गया है।