मौसम बदलते ही इसका असर हमारी सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगता है। कभी नाक बंद होने लगती है तो कभी जुकाम गले में खराश सांस लेने में परेशानी और खांसी जैसी दिक्कतें परेशान करने लगती हैं। खासकर जब तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव होता है तो कुछ लोगों की सांस की नलियां और गला अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसे में खांसी शुरू होना आम बात है। सुबह ठंडी हवा दिन में गर्मी और रात में फिर ठंडक जैसे बदलाव से वायरल संक्रमण और एलर्जी भी बढ़ सकती है। यही वजह है कि कई लोगों को इस दौरान बार-बार खांसी या गले में खराश की शिकायत होने लगती है।
खांसी के प्रमुख कारण
खांसी अपने आप में कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर की एक प्रतिक्रिया है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे वायरल संक्रमण या कभी-कभी बैक्टीरियल संक्रमण। धूल परागकण या अन्य चीजों से एलर्जी भी खांसी का कारण बन सकती है। अस्थमा एसिड रिफ्लक्स धूम्रपान और वायु प्रदूषण गले या सांस की नलियों में जलन पैदा करते हैं। कुछ अन्य फेफड़ों या सांस से जुड़ी बीमारियां भी लंबे समय तक खांसी बनाए रखती हैं। बदलते मौसम में ये कारण और सक्रिय हो जाते हैं। सही कारण जानकर ही उचित उपाय करना चाहिए।
शहद और गर्म तरल पदार्थों से राहत
शहद गले की खराश और खांसी को शांत करने में मदद कर सकता है। रात में एक चम्मच शहद लेना कुछ लोगों को राहत दे सकता है। एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें। गर्म पानी सूप या अन्य गर्म तरल पदार्थ गले को आराम देने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकते हैं। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। ये सरल उपाय हल्की खांसी में लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं। नियमित सेवन से गले की जलन भी कम होती है। शरीर को गर्म रखने से संक्रमण का खतरा घटता है।
अदरक का पारंपरिक उपयोग
अदरक का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गले की परेशानी में किया जाता है। अदरक वाली गर्म चाय या पानी कुछ लोगों को गले की जलन में आराम दे सकता है। अदरक में प्राकृतिक गुण होते हैं जो सूजन कम करने में मदद करते हैं। इसे शहद के साथ मिलाकर भी लिया जा सकता है। बदलते मौसम में अदरक वाली चाय पीने से कई लोगों को राहत मिलती है। यह उपाय आसानी से घर पर अपनाया जा सकता है। नियमित उपयोग से खांसी की तीव्रता घटती देखी जाती है।
डॉक्टर से कब सलाह लें
अगर खांसी लगातार बनी हुई है बार-बार लौटती है या इसके साथ सांस लेने में परेशानी सीने में दर्द खून आना तेज बुखार या अचानक हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लंबे समय तक रहने वाली खांसी को केवल मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घरेलू उपाय हल्की खांसी में लक्षणों से राहत देने में मदद कर सकते हैं लेकिन खांसी के पीछे अगर कोई बीमारी या संक्रमण है तो उसका सही इलाज कारण के अनुसार ही किया जाता है। समय पर चिकित्सा सलाह लेने से गंभीरता बढ़ने से बचा जा सकता है।