Bhopal | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मुंबई दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ संवाद करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मुख्यमंत्री का यह संवाद मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुंबई में आयोजित होने वाले इस संवाद के दौरान मध्य प्रदेश में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को उद्योग जगत के सामने रखा जाएगा। मुख्यमंत्री प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे, जिसमें निवेश से जुड़ी जरूरतों, संभावनाओं और प्रदेश की नीतियों पर सीधी चर्चा होगी।
चार बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट पर रहेगा फोकस
मुंबई संवाद में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से चार प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा का रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट जोन, धार का पीएम मित्र पार्क और उज्जैन का मेडिकल डिवाइसेज पार्क शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि सेक्टर आधारित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि निवेशकों को उत्पादन, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से बेहतर इकोसिस्टम उपलब्ध कराया जा सके।
फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर पर विशेष राउंडटेबल
मुंबई में फार्मा और मेडिकल डिवाइस उद्योग को लेकर विशेष राउंडटेबल आयोजित की जाएगी। इसमें निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ मध्य प्रदेश में उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा होगी। उज्जैन मेडिकल डिवाइसेज पार्क को लेकर विशेष प्रेजेंटेशन भी दिया जाएगा। इसमें पार्क में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक सुविधाओं और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र से जुड़ी संभावनाओं को सामने रखा जाएगा।
जमीन, बिजली और लॉजिस्टिक्स पर होगी सीधी चर्चा
- मुख्यमंत्री की उद्योगपतियों के साथ होने वाली बैठकों में निवेश से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इनमें प्रमुख रूप से:
- औद्योगिक जमीन की उपलब्धता
- बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं
- लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी
- कुशल मानव संसाधन
- नीतिगत सहयोग
- निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने की व्यवस्था
- जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
सरकार का उद्देश्य उद्योगों से सीधे सुझाव प्राप्त कर निवेश सुविधा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। इससे संभावित निवेशकों की जरूरतों के अनुसार प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद
मुख्यमंत्री मुंबई में भारत स्थित विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और औद्योगिक परियोजनाओं की जानकारी को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक पहुंचाना है। सरकार का फोकस विदेशी निवेशकों तक प्रदेश की सेक्टर-विशिष्ट औद्योगिक सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने और संभावित निवेश के लिए नए संपर्क विकसित करने पर भी रहेगा।
जनवरी 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेश जुटाने की तैयारी
जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मध्य प्रदेश सरकार अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के निवेशकों के साथ संवाद बढ़ा रही है। मुंबई का यह कार्यक्रम इसी व्यापक निवेश संपर्क अभियान का हिस्सा है। फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट जैसे क्षेत्रों पर जोर देकर सरकार प्रदेश में सेक्टर आधारित औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।