Dewas | मध्य प्रदेश में शासकीय कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के मामले में देवास और गुना जिलों में कई पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। देवास में तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है। वहीं गुना में चार पटवारियों को निलंबित किया गया है, जबकि चार ट्रेनी पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।
देवास में 3 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्त
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी आदेश जारी किए हैं। इनमें सोनकच्छ तहसील के घिचलाय में पदस्थ नितिन विश्वकर्मा, देवास ग्रामीण क्षेत्र के अजय नागर और टोंकखुर्द के विशाल टईया शामिल हैं। जानकारी के अनुसार तीनों पटवारियों की नियुक्ति फरवरी 2024 में तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर हुई थी। प्रशासन की ओर से की गई जांच और अनुविभागीय अधिकारियों की रिपोर्ट में इनके कामकाज को लेकर कई कमियां सामने आने की बात कही गई है। आदेश के मुताबिक संबंधित पटवारियों के क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन में शून्य प्रगति दर्ज की गई थी। इसके अलावा अपने हलके में निवास नहीं करने, समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने और पिछले छह महीनों में राजस्व वसूली की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इन आधारों पर तीनों को एक माह का अग्रिम वेतन देकर सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया है।
गुना में पटवारी संघ अध्यक्ष समेत 4 निलंबित
गुना जिले में भी स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रशासन के अनुसार योजना के तहत जिले में अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं होने के कारण गुना की रैंकिंग मध्य प्रदेश में 54वें स्थान तक पहुंच गई थी। मामले की समीक्षा के बाद चार पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबित किए गए पटवारियों में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र किरार, बमौरी तहसील के ललित मोहन शर्मा, कुंभराज तहसील के विजय सिंह भील और मकसूदनगढ़ तहसील के मेहरबान भील शामिल हैं। इसके अलावा चार ट्रेनी पटवारियों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
काम को लेकर पटवारियों ने जताई थी आपत्ति
मामले की पृष्ठभूमि में 15 सितंबर को पटवारियों की ओर से जिला स्तर पर दिए गए ज्ञापन का भी उल्लेख किया जा रहा है। पटवारियों ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री संबंधी काम को लेकर अपनी आपत्ति प्रशासन के सामने रखी थी। पटवारियों का पक्ष था कि वे काम से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन योजना में रजिस्ट्री का काम करने पर किसी संभावित गड़बड़ी या कार्रवाई की जिम्मेदारी उन पर आ सकती है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए।
नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई
प्रशासन के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में लगातार कमी और एसडीएम की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद कार्रवाई की गई। देवास और गुना में हुई कार्रवाई को प्रशासन की ओर से शासकीय कार्यों में जवाबदेही और निर्धारित लक्ष्यों के पालन को लेकर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के पक्ष और आगे की अपील या विभागीय प्रक्रिया की स्थिति आधिकारिक रूप से अलग से स्पष्ट हो सकती है।