नई दिल्ली - त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले हिमाचल प्रदेश के एपीएल राशन कार्ड धारकों को महंगाई का झटका लगा है। सरकारी राशन डिपुओं के जरिए मिलने वाली चीनी और उड़द दाल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। चीनी की कीमत में 4 रुपये प्रति किलो, जबकि उड़द दाल में 5 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, कुछ सरकारी गोदामों में स्टॉक खत्म होने के कारण उड़द दाल और सरसों तेल की सप्लाई भी प्रभावित बताई जा रही है। हालांकि उपभोक्ताओं को कुछ राहत देते हुए इस महीने सभी श्रेणियों के राशन कार्ड धारकों को अतिरिक्त आटा उपलब्ध कराया जाएगा।
चीनी अब 52 रुपये किलो
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत एपीएल परिवारों को मिलने वाली चीनी की कीमत अब बढ़ गई है। पहले जहां चीनी 48 रुपये प्रति किलो की दर से मिलती थी, वहीं अब इसके लिए 52 रुपये प्रति किलो चुकाने होंगे। त्योहारों के दौरान चीनी की खपत आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। ऐसे में कीमत में यह बढ़ोतरी राशन लेने वाले परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त असर डाल सकती है।
उड़द दाल भी हुई महंगी
सरकारी डिपुओं में मिलने वाली उड़द दाल के दाम में भी वृद्धि की गई है। इसकी कीमत 112 रुपये से बढ़कर 117 रुपये प्रति किलो हो गई है। यानी उपभोक्ताओं को अब हर किलो पर 5 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। इसके साथ ही कुछ सरकारी गोदामों में उड़द दाल का स्टॉक खत्म होने से कई राशन डिपुओं में इसकी उपलब्धता प्रभावित हुई है। इससे कुछ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को दाल के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
सरसों तेल की सप्लाई पर भी असर
उड़द दाल के साथ कुछ स्थानों पर सरसों तेल की आपूर्ति भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ सरकारी गोदामों में स्टॉक समाप्त होने के कारण डिपुओं तक नियमित सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में त्योहारों से ठीक पहले राशन उपभोक्ताओं के सामने कीमत बढ़ने के साथ-साथ कुछ जरूरी सामान की उपलब्धता का भी सवाल खड़ा हो गया है।
12 की जगह मिलेगा 13 किलो आटा
महंगाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि इस महीने सभी श्रेणियों के राशन कार्ड धारकों को एक किलो अतिरिक्त आटा दिया जाएगा। जहां सामान्य तौर पर 12 किलो आटा मिलता है, वहीं इस महीने उपभोक्ताओं को 13 किलो आटा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बढ़ी हुई कीमतों के बीच परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों के बीच बढ़ा घरेलू बजट का दबाव
त्योहारी मौसम में घरों में खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में चीनी और उड़द दाल के दाम बढ़ने तथा कुछ स्थानों पर सरसों तेल की सप्लाई प्रभावित होने से राशन उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
हालांकि अतिरिक्त एक किलो आटे की व्यवस्था से सरकार ने कुछ राहत देने की कोशिश की है। अब उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि जिन डिपुओं में दाल और तेल की आपूर्ति प्रभावित है, वहां स्टॉक कब तक सामान्य होता है।