उत्तर प्रदेश: मेरठ के चर्चित सांपकांड में आज गुरुवार को अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही है। करीब 17 महीने पुराने इस मामले में अमित कश्यप उर्फ मिक्की की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप पर मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि दोनों ने पहले अमित की गला घोंटकर हत्या की और फिर वारदात को छिपाने के लिए उसकी मौत को सांप के डसने का रूप देने की साजिश रची। मामला भावनपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। घटना के बाद अमित का शव चारपाई पर मिला था और उसके नीचे एक जिंदा सांप भी बरामद हुआ था। शुरुआत में परिवार ने इसे सर्पदंश से हुई मौत माना, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। इसके बाद पुलिस की जांच में कई अहम सुराग सामने आए और मामला हत्या की ओर मुड़ गया। अब दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद आज अदालत के फैसले का इंतजार है।
सांप डालकर हत्या छिपाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक अमित की पत्नी रविता के पड़ोसी अमरदीप से प्रेम संबंध थे। अमरदीप टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था और इसी वजह से उसका अमित के घर आना-जाना था। आरोप है कि इसी दौरान रविता और अमरदीप के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का दावा है कि 12 अप्रैल 2025 की रात दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की। आरोप के मुताबिक अमित का गला घोंटकर उसकी जान ली गई। इसके बाद शव को चारपाई पर लिटाया गया और उसके नीचे एक जिंदा सांप छोड़ दिया गया। कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया गया, ताकि परिवार और पुलिस को मौत की वजह सांप का काटना लगे। इस तरह हत्या को छिपाकर पूरे मामले को सर्पदंश की घटना दिखाने की कोशिश की गई।
सांप के जहर से नहीं, दम घुटने से हुई मौत
अगली सुबह अमित का शव घर में मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। शुरुआत में परिजनों को लगा कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है। मौके से एक वाइपर सांप भी बरामद किया गया था, जिससे सर्पदंश की आशंका और मजबूत हुई। हालांकि, सपेरों ने सांप की जांच के बाद बताया कि उसकी जहर की थैली नहीं थी। इसके अलावा अमित के शरीर पर खरोंच के निशान और गले पर चोट के निशान भी मिले थे। इन परिस्थितियों ने पुलिस की शुरुआती जांच को नया मोड़ दे दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह दम घुटना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सर्पदंश के बजाय हत्या के एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी।
कॉल रिकॉर्ड से खुला हत्या का राज
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने अमित की पत्नी रविता और अमरदीप के संबंधों की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की। जांच में दोनों के बीच बातचीत से जुड़े कई अहम सुराग मिलने का दावा किया गया। पुलिस के मुताबिक अमित की मौत के बाद भी रविता और अमरदीप के बीच कई बार बातचीत हुई थी। आरोप है कि अमरदीप ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे व्यक्ति के नाम पर लिया गया सिम भी इस्तेमाल किया। पुलिस ने कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों को मामले की जांच में शामिल किया। जांच के आधार पर पुलिस ने दोनों को हत्या की साजिश से जोड़ते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने करीब 60 दिन के भीतर 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी।
आज आएगा हत्या के मामले में फैसला
इस चर्चित मामले की सुनवाई अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में हुई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह अदालत के सामने पेश किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में अलग-अलग साक्ष्य और गवाहों के बयान रखे। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष अदालत के सामने रखा गया। दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और अब अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी। आरोपी रविता फिलहाल जेल में है, जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर है। अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। अब अदालत के फैसले से साफ होगा कि हत्या और साजिश के आरोपों पर दोनों को दोषी माना जाता है या नहीं।