New Delhi | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे किए। वर्ष 2001 में इसी दिन उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद करीब 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने और केंद्र में लगातार नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी 25 वर्षों की इस यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा है कि गुजरात में शुरू हुई कई पहलों को बाद में राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार मिला। इस दौरान मोदी के सार्वजनिक जीवन में गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं, पेयजल, स्वच्छता, कौशल विकास और खेल जैसे क्षेत्रों से जुड़ी योजनाएं प्रमुख विषय रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर जारी विवरण में गुजरात से राष्ट्रीय स्तर तक पहल और शासन के अनुभवों के विस्तार का भी उल्लेख किया गया है।
गुजरात से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। प्रधानमंत्री के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उस समय गुजरात कई चुनौतियों से गुजर रहा था, जिनमें 2001 का कच्छ भूकंप भी शामिल था। मोदी ने 2025 में 25वें वर्ष में प्रवेश के मौके पर अपने शुरुआती कार्यकाल को याद करते हुए कहा था कि उनका लगातार प्रयास लोगों के जीवन में सुधार और देश की प्रगति में योगदान देना रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 2014 तक चला। इसके बाद मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2026 में सरकार के प्रमुख के रूप में उनकी 25 वर्षों की यात्रा पूरी हुई।
गुजरात की पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 25 वर्ष पूरे होने पर जारी कैबिनेट प्रस्ताव में विशेष रूप से यह रेखांकित किया गया कि गुजरात में शुरू की गई कुछ पहलों को बाद में राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया गया। इसमें SWAGAT जैसी तकनीक आधारित शिकायत निवारण व्यवस्था का भी उल्लेख है। इसी संदर्भ में मोदी की गुजरात और केंद्र सरकार में पहल को जोड़कर देखने वाली कई योजनाओं का उल्लेख किया जाता है।
कन्या केलावणी से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तक
गुजरात में कन्या केलावणी के जरिए बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सामाजिक सोच में बदलाव और उनकी शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देना रहा। दोनों पहलों के बीच समानता का उल्लेख मोदी सरकार के समर्थक दस्तावेजों और प्रचार सामग्री में गुजरात मॉडल से राष्ट्रीय नीति तक की निरंतरता के उदाहरण के तौर पर किया जाता है।
मुख्यमंत्री अमृतम् से आयुष्मान भारत तक
गुजरात में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए मुख्यमंत्री अमृतम् योजना शुरू की गई थी। केंद्र में मोदी सरकार के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया। आयुष्मान भारत के तहत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा/स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। हालांकि दोनों योजनाओं को एक ही योजना कहना सही नहीं होगा; गुजरात की पहल और केंद्र की योजना के बीच नीति की दिशा और अनुभवों की निरंतरता का दावा किया जाता है।
ई-ग्राम विश्वग्राम से डिजिटल इंडिया तक
गुजरात में ई-ग्राम विश्वग्राम पहल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद डिजिटल इंडिया को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाया गया। इसका उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं और सूचनाओं को नागरिकों तक अधिक आसानी से पहुंचाना रहा।
SWAGAT से PRAGATI तक सुशासन का मॉडल
गुजरात में 2003 में शुरू हुई SWAGAT यानी State Wide Attention on Grievances by Application of Technology व्यवस्था के जरिए नागरिकों की शिकायतों की निगरानी और समाधान पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने PRAGATI यानी Pro-Active Governance and Timely Implementation मंच की शुरुआत की। इसके जरिए प्रमुख परियोजनाओं और नीतियों की प्रगति की समीक्षा तथा विभिन्न स्तरों पर आने वाली अड़चनों को दूर करने की कोशिश की जाती है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, गुजरात का SWAGAT कार्यक्रम वर्ष 2010 में United Nations Public Service Award से भी सम्मानित हुआ था।
वासमो पानी समिति से जल जीवन मिशन तक
गुजरात में ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वासमो पानी समिति जैसी पहल की गई। केंद्र में मोदी सरकार ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की, जिसका लक्ष्य ग्रामीण घरों तक नल के जरिए सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इस मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
ज्योतिग्राम से सौभाग्य तक
गुजरात का ज्योतिग्राम कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और फीडर प्रबंधन से जुड़ी प्रमुख पहलों में रहा। केंद्र सरकार ने बाद में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के जरिए देशभर में बिजली कनेक्शन पहुंचाने पर जोर दिया। इसी तरह स्वच्छता, कौशल विकास, पोषण और खेल जैसे क्षेत्रों में गुजरात की पहलों और केंद्र की राष्ट्रीय योजनाओं के बीच नीति-स्तर पर समानता या निरंतरता का उल्लेख किया जाता रहा है।
निर्मल गुजरात से स्वच्छ भारत मिशन तक
गुजरात में स्वच्छता को लेकर निर्मल गुजरात अभियान चलाया गया था। केंद्र में मोदी सरकार ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य खुले में शौच की समस्या को कम करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और देश में स्वच्छता संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना रहा।
खेल महाकुंभ से खेलो इंडिया तक
गुजरात में खेल महाकुंभ के जरिए बड़े स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच देने की पहल की गई। केंद्र सरकार ने बाद में खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया।
25 वर्षों की यात्रा में गुजरात मॉडल से राष्ट्रीय कार्यक्रमों तक
नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सरकार प्रमुख के कार्यकाल को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुजरात के अनुभवों से राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों और कार्यक्रमों तक पहुंचने वाली एक निरंतर कड़ी को रेखांकित किया है। हालांकि अलग-अलग योजनाओं के उद्देश्य, ढांचे और कार्यान्वयन में अंतर है, लेकिन समर्थक दस्तावेजों में गुजरात की कई पहलों को बाद की राष्ट्रीय योजनाओं के लिए अनुभव या प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। 7 अक्टूबर 2026 को 25 वर्ष पूरे होने के साथ नरेंद्र मोदी की यह यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री से भारत के प्रधानमंत्री तक के लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक सफर के रूप में दर्ज हुई है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जनता के प्रति आभार जताते हुए आगे भी विकसित भारत के लक्ष्य के लिए काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।