नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम में नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। हरमनप्रीत कौर के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद BCCI ने स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम का फुलटाइम व्हाइट-बॉल कप्तान नियुक्त किया है। बोर्ड ने 6 अक्टूबर 2026 को उनके नाम का ऐलान किया। मंधाना इससे पहले 18 टी20 इंटरनेशनल और 4 वनडे में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं। अब उनके सामने भारतीय महिला क्रिकेट को अगले दौर में आगे ले जाने की जिम्मेदारी होगी। मंधाना लंबे समय से टीम की प्रमुख बल्लेबाज होने के साथ-साथ उपकप्तान की भूमिका भी निभाती रही हैं।
2013 में शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय करियर
18 जुलाई 1996 को मुंबई में जन्मीं स्मृति मंधाना ने महज 16 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनका अंतरराष्ट्रीय डेब्यू अप्रैल 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ हुआ था। इसके बाद वह भारतीय टीम की शीर्ष क्रम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गईं। बाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज मंधाना ने टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी पहचान बनाई है। 2026 तक वह भारत के लिए 9 टेस्ट, 120 वनडे और 179 टी20 इंटरनेशनल खेल चुकी थीं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन
स्मृति के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2026 में आया ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। सितंबर 2026 में हांगकांग के खिलाफ 64 गेंदों पर 124 रन की पारी खेलने के दौरान उन्होंने मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उस समय उनके नाम तीनों फॉर्मेट में 10,880 अंतरराष्ट्रीय रन थे।
इसी पारी के साथ उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया और उनके शतकों की संख्या 18 हो गई। इसके बाद सितंबर 2026 में वह 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन का आंकड़ा पार करने वाली महिला क्रिकेट की पहली खिलाड़ी भी बनीं।
तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाली भारतीय बल्लेबाज
मंधाना उन चुनिंदा महिला क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। 2026 तक उनके नाम महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक 18 शतक दर्ज थे। वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में शामिल हैं और लगातार बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए रन बनाती रही हैं।
RCB को दो बार WPL चैंपियन बनाया
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी स्मृति मंधाना की कप्तानी का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। 2024 और 2026 में उनकी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने WPL का खिताब जीता। 2026 के फाइनल में RCB ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रिकॉर्ड 204 रन का लक्ष्य हासिल कर दूसरी बार WPL ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल में मंधाना ने सिर्फ 41 गेंदों पर 87 रन की शानदार पारी खेली। पूरे सीजन में उन्होंने 377 रन बनाए और ऑरेंज कैप भी जीती।
अब टीम इंडिया को नए दौर में ले जाने की चुनौती
BCCI ने मंधाना की नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि वह भारत की कप्तान के रूप में पहले ही 18 टी20 और 4 वनडे मैचों का अनुभव हासिल कर चुकी हैं, लेकिन अब फुलटाइम कप्तान के तौर पर उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। उनके सामने एक तरफ हरमनप्रीत कौर के दौर की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी तरफ युवा खिलाड़ियों को टीम में मजबूत भूमिका देने और बड़े ICC टूर्नामेंटों के लिए टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी।
स्मृति मंधाना के पास अब बल्लेबाजी के रिकॉर्ड, WPL की कप्तानी की सफलता और करीब 13 साल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव—तीनों मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय महिला क्रिकेट में उनके कप्तानी युग की शुरुआत एक नए अध्याय के तौर पर देखी जा रही है।