Bhopal | चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लगातार हमलों के बीच मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता प्रह्लाद पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पटेल ने राहुल गांधी को राजनीतिक बयानबाजी में भाषा के संयम की नसीहत दी और कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में असहमति के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। राहुल गांधी ने हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग की ओर मार्च के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
प्रह्लाद पटेल ने राहुल गांधी को दी नसीहत
राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रह्लाद पटेल ने कहा कि राजनीति में भाषा का संयम बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसी भाषा में जवाब नहीं देना चाहते, लेकिन उन्हें अपने शब्दों पर संयम रखने की जरूरत है। पटेल ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी बात रखने के दौरान भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
EVM को लेकर भी उठाया सवाल
प्रह्लाद पटेल ने राहुल गांधी के EVM को लेकर सवाल उठाने पर भी पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि जिस EVM पर आज राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं, वह व्यवस्था किसके समय में आई थी और इसे लेकर पहले कांग्रेस का क्या रुख रहा है। पटेल ने इसी संदर्भ में राहुल गांधी से कहा कि उन्हें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि EVM का इस्तेमाल भारतीय चुनाव प्रक्रिया में लंबे समय से हो रहा है।
चुनाव आयोग को लेकर आमने-सामने BJP और कांग्रेस
चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर पिछले कुछ समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा है। राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। वहीं भाजपा लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान पर बिना पर्याप्त आधार के सवाल उठा रहा है।
दिल्ली प्रदर्शन के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी
6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों और विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद नेताओं ने धरना दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश के मंत्री प्रह्लाद पटेल की राहुल गांधी को लेकर यह प्रतिक्रिया सामने आई है। इससे चुनाव आयोग, EVM और SIR के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रही सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं।