मुंबई - महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कई जगहों पर कार्रवाई की है। नवी मुंबई में एक कर्मचारी को केले एथेफोन के घोल में डुबोते हुए पकड़े जाने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी मात्रा में केले जब्त किए। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुल 1,394 किलो केले बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 67,814 रुपये बताई गई है। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन केलों को कहां-कहां सप्लाई किया जाना था और इस प्रक्रिया में अन्य कौन लोग शामिल थे।
क्या है एथेफोन और क्यों उठे सवाल?
एथेफोन (Ethephon) एक पौध वृद्धि नियामक रसायन है, जिसका इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में पौधों की वृद्धि और फलों के पकने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। हालांकि, खाद्य पदार्थों के गलत या अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। FDA की कार्रवाई के बाद अब जब्त केले जांच के दायरे में हैं। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि इन फलों में रसायन के अवशेष तय मानकों के अनुरूप थे या नहीं।
मुंबई के 11 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
FDA ने मुंबई में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की। एजेंसी के मुताबिक, 11 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें पांच पश्चिमी उपनगरों और छह दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठान शामिल थे। जांच के दौरान कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों के भंडारण और स्वच्छता से संबंधित कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए कुछ प्रतिबंधित खाद्य सामग्री भी जब्त की। इस अभियान के दौरान तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। FDA अब संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है।
बोरीवली के रेस्टोरेंट में मिलीं कई गड़बड़ियां
FDA की जांच में बोरीवली स्थित नॉम-नॉम रेस्टोरेंट में भी कई खामियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, यहां खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर स्टोर नहीं किया जा रहा था। खाद्य सामग्री के सही तापमान पर रखे जाने को खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि गलत तापमान पर भोजन रखने से उसके खराब होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा रेस्टोरेंट के बिलों से जुड़े ऑडिट में भी खामी पाई गई। जांच टीम को परिसर में मक्खियां और अन्य कीड़े-मकोड़े भी मिले, जिसके बाद स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठे।
पुणे में मिलावटी दूध पर भी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा से जुड़ा अभियान सिर्फ मुंबई और नवी मुंबई तक सीमित नहीं रहा। पुणे डिवीजन में मिलावटी दूध से जुड़े मामलों में भी केस दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
महाराष्ट्र में FDA की इन कार्रवाइयों के बाद खाद्य कारोबारियों पर नियमों का पालन करने का दबाव बढ़ गया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत तरीके से भंडारण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।