नई दिल्ली - ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है। यह वीडियो 2013 का बताया जा रहा है, जब सिब्बल केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार में कानून मंत्री थे। रिजिजू ने वीडियो को साझा करते हुए सिब्बल के पुराने बयान को कांग्रेस के मौजूदा ‘वोट चोरी’ के आरोपों के संदर्भ में पेश किया और उनकी तारीफ भी की।
क्या कह रहे हैं पुराने वीडियो में सिब्बल?
वीडियो में कपिल सिब्बल संसद में मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और उसे अपडेट करने की प्रक्रिया पर जवाब देते नजर आते हैं। उनके मुताबिक, किसी मतदाता का नाम अलग-अलग परिस्थितियों में सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि यदि कोई व्यक्ति एक विधानसभा क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में रहने चला जाता है, तो उसका नाम पुराने क्षेत्र की मतदाता सूची से हटाकर नए क्षेत्र में दर्ज किया जा सकता है। इसी तरह एक व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज होने या मतदाता की मृत्यु जैसी स्थिति में भी नाम हटाने की प्रक्रिया होती है।
‘वोटर लिस्ट लगातार अपडेट होती रहती है’
पुराने भाषण में सिब्बल ने मतदाता सूची को एक गतिशील और लगातार अपडेट होने वाली प्रक्रिया बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO के पास जाकर अपना नाम दोबारा जुड़वाने का अनुरोध कर सकता है।
रिजिजू ने इसी पुराने बयान को मौजूदा राजनीतिक विवाद से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। हालांकि, पुराने बयान का मौजूदा SIR प्रक्रिया पर सीधे लागू होना या न होना राजनीतिक बहस का विषय है।
रिजिजू ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वीडियो पोस्ट करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर उन्हें कपिल सिब्बल पसंद नहीं हैं, लेकिन इस बार उन्हें सिब्बल की बात अच्छी लगी। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कानून मंत्री के रूप में संसद में दिए गए सिब्बल के पुराने भाषण ने कांग्रेस के मौजूदा ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर उसके रुख पर सवाल खड़े किए हैं।
रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की मतदाता सूची संबंधी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग को लेकर बढ़ी राजनीतिक तकरार
पिछले दिनों राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
वहीं, बीजेपी और केंद्र सरकार विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। इसी राजनीतिक टकराव के बीच रिजिजू द्वारा सिब्बल का करीब 13 साल पुराना वीडियो साझा करना ‘वोट चोरी’ की बहस को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।