नई दिल्ली - मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध और राजनीतिक टकराव के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। रिजिजू ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी कार्यकर्ताओं से जनसेवा सीखने की सलाह दी। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस जनता के बीच लगातार सेवा का काम करेगी, तो उसे लोगों का भरोसा हासिल हो सकता है। रिजिजू ने सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर अपना संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन हासिल करने के लिए कांग्रेस को राष्ट्र की सेवा पर ध्यान देना चाहिए।
‘जनता की सेवा करेंगे तो भरोसा मिलेगा’
रिजिजू ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी कार्यकर्ताओं से सीखना चाहिए, जो उनके मुताबिक लगातार और निस्वार्थ भाव से समाज और देश के लिए काम करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि केवल सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक नैरेटिव बनाने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक जनता के बीच काम करने और सेवा करने से ही लोगों का विश्वास जीता जा सकता है।
कांग्रेस के 55 साल के शासन का किया जिक्र
रिजिजू ने अपने बयान में कांग्रेस के लंबे शासन और आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश पर करीब 55 साल शासन करने का अवसर मिला और इस दौरान दो साल आपातकाल लागू रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में भी बदलाव किया गया। रिजिजू ने इसी संदर्भ में कांग्रेस के मौजूदा लोकतांत्रिक दावों पर सवाल उठाए।
CEC को लेकर जारी है सियासी टकराव
रिजिजू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ा हुआ है। 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर मार्च किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने मार्च को रोका, जिसके बाद राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की है।
पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का भी जिक्र
रिजिजू का बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर भी आया है। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इसके बाद उनका राजनीतिक सफर मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद तक पहुंचा। केंद्र सरकार और बीजेपी इस अवसर को जनसेवा के 25 वर्षों के रूप में रेखांकित कर रहे हैं।
इसी संदर्भ में रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस को सलाह दी कि वे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनता के बीच सेवा के काम पर ध्यान दें। हालांकि, कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए गए सवाल और उनके राजनीतिक तर्क इस पूरे विवाद का दूसरा पक्ष हैं।