पणजी: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया। गोवा स्थित अपने घर पर उन्हें हार्ट अटैक आया था। उन्हें बचाने की कोशिश में करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक, नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ।
3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए। 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘परिंदा’ में उन्होंने अन्ना का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला।
इसके बाद 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड दिया गया। 1996 में आई ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इस तरह नाना पाटेकर ने अपने करियर में कुल 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड हासिल किए।भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी सिनेमा में भी महत्वपूर्ण काम किया।
‘वेलकम’ के उदय शेट्टी बनकर जीता दर्शकों का दिल
नाना पाटेकर ने गंभीर और दमदार किरदारों के साथ कॉमेडी में भी अपनी अलग पहचान बनाई। 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम’ में उन्होंने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था।उदय शेट्टी के किरदार में उनका अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आया। फिल्म की लोकप्रियता के बाद वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए।
‘प्रहार’ से निर्देशन में रखा कदम
नाना पाटेकर ने सिर्फ अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। वर्ष 1991 में उन्होंने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन किया और इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई।इस फिल्म के लिए नाना पाटेकर ने आर्मी ट्रेनिंग भी ली थी। अभिनय, निर्देशन और लेखन के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।
हिंदी और मराठी सिनेमा में छोड़ी अमिट छाप
नाना पाटेकर का फिल्मी करियर कई दशकों तक चला। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई। गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमेडी तक, उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का अलग-अलग अंदाज में प्रदर्शन किया।