नई दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा जिले के सीमापुरी इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। इदगाह मछली मंडी के पास एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद आसपास के 2 से 3 मकान भी इसकी चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे में कुछ लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका
शुरुआती जानकारी के मुताबिक इमारत में अलग-अलग परिवार रहते थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में मदद की। कुछ लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। हालांकि, मलबे में कुल कितने लोग फंसे हैं और कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी आधिकारिक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। डीसीपी शाहदरा के मुताबिक कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं रेस्क्यू टीम कुछ लोगों से संपर्क कर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही है।
दोपहर करीब 3:30 बजे मिली हादसे की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दिल्ली पुलिस और फायर विभाग की टीमों ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबे को हटाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि बचाव दल सुरक्षित तरीके से अंदर फंसे लोगों तक पहुंच सके।
भूकंप के बाद दरारों की बात, वजह अभी साफ नहीं
स्थानीय लोगों के मुताबिक हाल में आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इससे ढांचे की मजबूती प्रभावित हुई हो सकती है।
सीमापुरी में ट्रैफिक प्रभावित
इमारत गिरने के बाद सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से हादसे वाली जगह के आसपास रुकने, वाहन खड़ा करने या भीड़ लगाने से बचने की अपील की है, ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव वाहनों को आने-जाने में परेशानी न हो।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए और इमारत के ढहने की वजह क्या रही, इसकी तस्वीर रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।