भोपाल: मध्यप्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं और रिश्वत लेने के आरोपों के बीच आबकारी विभाग ने जिला आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे तीन दिन पहले ही उन्हें उपमुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) पद से हटाया गया था। वर्ष 2024-25 में भोपाल के शराब ठेकों के आवंटन में गड़बड़ी की शिकायतों पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में फर्जी ई-एफडीआर स्वीकार करने, प्रतिभूति राशि जमा करने के नियमों और लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आई हैं।
डिप्टी CM के OSD पद से हटाने के बाद अब सस्पेंड
दीपम रायचुरा को पहले उपमुख्यमंत्री के OSD पद से हटाया गया था। अब आबकारी विभाग ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, यह कार्रवाई भोपाल में शराब ठेकों के आवंटन से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद की गई है।मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय दल गठित किया गया था। जांच रिपोर्ट में शराब ठेका आवंटन की प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। विभाग ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
2.75 करोड़ रुपये की फर्जी FDR स्वीकार करने का मामला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में शराब ठेके के आवंटन के लिए करीब 2.75 करोड़ रुपये की ई-एफडीआर प्रस्तुत की गई थी। सत्यापन के दौरान AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने संबंधित एफडीआर अपने बैंक से जारी होने से इनकार कर दिया।इसके बावजूद तत्कालीन अधिकारी द्वारा एफडीआर स्वीकार किए जाने को जांच दल ने गंभीर अनियमितता माना है। इस मामले में बैंक दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
प्रतिभूति राशि और लाइसेंस हस्तांतरण में भी गड़बड़ी
जांच में शराब ठेके से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं में भी अनियमितताओं की बात सामने आई है।
प्रतिभूति राशि जमा करने में देरी: रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित समयसीमा से 22 दिन बाद प्रतिभूति राशि जमा किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई।
76 लाख रुपये की बैंक गारंटी: लाइसेंस हस्तांतरण के दौरान फर्म से संबंधित नहीं पाए गए व्यक्ति की बैंक गारंटी स्वीकार किए जाने पर सवाल उठे।
व्यक्तिगत खाते के चेक: लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में व्यक्तिगत खाते के पोस्ट-डेटेड चेक स्वीकार किए जाने को भी जांच में उठाया गया।
जांच दल के अनुसार, इन प्रक्रियाओं से आबकारी नियमों के उल्लंघन और सरकारी राजस्व को जोखिम पहुंचने की आशंका सामने आई है।
निलंबन अवधि में ग्वालियर रहेगा मुख्यालय
आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान दीपम रायचुरा का मुख्यालय ग्वालियर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय रहेगा। निलंबन के दौरान संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
शराब ठेका आवंटन मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर
भोपाल के वर्ष 2024-25 के शराब ठेका आवंटन से जुड़ा यह मामला अब विभागीय कार्रवाई के केंद्र में है। फर्जी ई-एफडीआर, प्रतिभूति राशि और लाइसेंस हस्तांतरण से जुड़े सवालों के बाद आबकारी विभाग ने अधिकारी को निलंबित कर दिया है।दीपम रायचुरा को पहले डिप्टी CM के OSD पद से हटाया गया और अब निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच और विभागीय निष्कर्षों पर नजर रहेगी।