भोपाल | मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार कई मायनों में खास हो सकता है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र 14 से 26 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, तारीखों को लेकर अंतिम निर्णय और आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होना बाकी है। इस बार खास बात यह है कि 17 दिसंबर को विधानसभा का स्थापना दिवस भी सत्र की प्रस्तावित अवधि के दौरान आएगा। ऐसे में स्थापना दिवस के कार्यक्रम को इसी सत्र के साथ आयोजित किया जा सकता है और इसके लिए अलग से विशेष सत्र बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
5 से 7 दिन चल सकती है विधानसभा की कार्यवाही
प्रस्तावित तारीखों के बीच कुल 13 दिनों का अंतर है, लेकिन विधानसभा की वास्तविक कार्यवाही 5 से 7 दिन तक चलने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम का निर्धारण इस तरह किए जाने की चर्चा है कि स्थापना दिवस से जुड़े आयोजन भी इसी अवधि में पूरे हो सकें।
₹10 हजार करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश कर सकती है सरकार
शीतकालीन सत्र में मध्यप्रदेश सरकार वित्त वर्ष 2026-27 का दूसरा अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। इसका संभावित आकार करीब 10 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है। सरकार इस बजट के जरिए नई योजनाओं पर खर्च बढ़ाने के बजाय पहले से स्वीकृत योजनाओं, लंबित देनदारियों और केंद्र से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने पर ध्यान दे सकती है। हालांकि, बजट का वास्तविक आकार और मदों का विवरण सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
जुलाई में पेश हुआ था पहला अनुपूरक बजट
वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट जुलाई में आयोजित मानसून सत्र के दौरान पेश किया गया था। इसका आकार 7,765.77 करोड़ रुपये था। अब शीतकालीन सत्र में दूसरे अनुपूरक बजट को लेकर तैयारियां किए जाने की जानकारी सामने आई है। पिछले वर्ष विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 से 5 दिसंबर के बीच आयोजित हुआ था। इस बार प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विधानसभा का स्थापना दिवस भी सत्र की अवधि में शामिल हो सकता है।