भोपाल | मध्यप्रदेश में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान 5 नवंबर तक चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर सहित प्रदेश के सात शहरों में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पीयूष गोयल सहित भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की योजना है। इंदौर में 30 अक्टूबर को कार्यक्रम प्रस्तावित है। भाजपा का कहना है कि अभियान के जरिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) सहित विभिन्न मुद्दों पर लगाए जा रहे आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा।
बूथ स्तर पर घर-घर पहुंचेंगे भाजपा कार्यकर्ता
अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। पार्टी की योजना है कि जिला और विधानसभा स्तर पर पदयात्राएं निकाली जाएं और लोगों को चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी जाए। इसके लिए प्रदेश स्तर पर टोली के अलावा अलग-अलग कार्यक्रमों के संचालन के लिए विशेष टोलियां गठित की गई हैं। भाजपा इन गतिविधियों के माध्यम से अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रही है।
विद्यार्थियों से संवाद करेगा भाजपा संगठन
अभियान के तहत ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों से संवाद करने की योजना है। कार्यक्रम में युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित विषयों पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने की भी योजना है।
मतदाता जागरूकता अभियान पर रहेगा जोर
भाजपा अभियान के दौरान मतदाता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी चलाएगी। ‘घुसपैठिया हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम के जरिए पार्टी घुसपैठ और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगी। भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों और एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा। अभियान के जरिए पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी बात जनता तक पहुंचाना चाहती है।
5 नवंबर तक चलेगा अभियान
भाजपा का यह अभियान 5 नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रमों, पदयात्राओं, जनसंपर्क और विद्यार्थी संवाद के जरिए पार्टी अपनी रणनीति को आगे बढ़ाएगी। हालांकि, अभियान के सभी कार्यक्रमों का विस्तृत कार्यक्रम और नेताओं की अंतिम भागीदारी संबंधित आयोजकों की आधिकारिक घोषणा के अनुसार स्पष्ट होगी।