कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के बाद से ही सुबह-शाम हवा में हल्की गुलाबी ठंडक घुलने लगी थी, जिससे लोगों को लग रहा था कि राज्य में इस बार समय से पहले सर्दियों का आगमन हो जाएगा। हालांकि, मौसम के इस सुहावने मिजाज के बीच बंगाल की खाड़ी से एक बड़ी आफत दस्तक देने को तैयार है। अलीपुर मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में गहरा रहा मौसमी सिस्टम चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की ओर बढ़ रहा है, जिसका नामकरण 'अर्णब' (Cyclone Arnab) किया गया है। इस चक्रवात के प्रभाव से दिवाली और काली पूजा से ठीक पहले बंगाल के मौसम में बड़ा उलटफेर होने जा रहा है, जिससे शुरुआती ठंड की चाल पर ब्रेक लग गया है।
चक्रवात 'अर्णब' का ट्रैक और तटीय इलाकों पर असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए तेजी से चक्रवाती तूफान का रूप ले रहा है। हालांकि इस चक्रवात का मुख्य लैंडफॉल ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के आसपास होने की संभावना है, लेकिन इसके विशाल बाहरी बादलों और समुद्र से आने वाली भारी नमी के कारण पश्चिम बंगाल भी इसके प्रभाव से अछूता नहीं रहेगा। समुद्र में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
कोलकाता और दक्षिण बंगाल में बारिश का अलर्ट
इस मौसमी हलचल के कारण 27 अक्टूबर से दक्षिण बंगाल के मौसम में व्यापक बदलाव दिखेगा। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर में मंगलवार से आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। तटीय जिलों—विशेषकर दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। बारिश और नमी बढ़ने के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन रात के तापमान में गिरावट थम जाएगी।
ठंड की दस्तक पर लगा ब्रेक, दिवाली बाद ही शुरू होगी असली सर्दी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात के कारण हवा की दिशा में बदलाव आ गया है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं का रास्ता बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम और गर्म समुद्री हवाओं ने रोक दिया है। इसके चलते दिवाली से पहले जो सर्दियों की शुरुआती दस्तक महसूस हो रही थी, वह फिलहाल कुछ दिनों के लिए थम जाएगी। चक्रवात के तट पार करने और सिस्टम के कमजोर होने के बाद ही राज्य में एक बार फिर तापमान में क्रमिक गिरावट शुरू होगी और नवंबर के पहले सप्ताह के बाद ही राज्य में विधिवत ठंड की शुरुआत हो पाएगी।