भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर जिला स्तर पर 25 महत्वपूर्ण समितियों के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन समितियों में नियुक्तियों के लिए सभी विधायकों से कार्यकर्ताओं के नामों की सूची मांगी गई है।
सत्ता में भागीदारी का अहसास दिलाने की तैयारी
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे आम कार्यकर्ताओं को भी सत्ता में भागीदारी का अनुभव मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकारी निगमों, मंडलों और विभिन्न विभागीय समितियों में नियुक्तियां की जा रही हैं, ताकि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बने।
एक सप्ताह में मांगी गई पूरी फेहरिस्त
प्रदेश संगठन के निर्देश पर जिला भाजपा इकाइयों ने विधायकों, कोर कमेटी सदस्यों और प्रमुख पदाधिकारियों से नाम मांगे हैं। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सभी नामों की सूची समन्वय के साथ तैयार कर भेजी जाए, जिससे नियुक्तियों की घोषणा में देरी न हो।
ये हैं जिला स्तर की 25 प्रमुख समितियां
जिला स्तर पर जिन 25 समितियों का गठन प्रस्तावित है, उनमें आरटीओ समिति, जिला योजना समिति, शिक्षा विभाग की अनुदान व निर्णायक समिति, खाद्य विभाग की सतर्कता समिति, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, खनिज निधि समिति, खेल प्रशिक्षण समिति, सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन समिति, पुलिस शिकायत बोर्ड, आईटीआई जिला कौशल समिति, कॉलेजों की जनभागीदारी समिति सहित अन्य विभागीय समितियां शामिल हैं।
विधायक आधारित हो गया सत्ता-संगठन का ढांचा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अब सत्ता और संगठन की नियुक्तियों में विधायकों की भूमिका निर्णायक होती जा रही है। बूथ से लेकर मंडल और अब जिला समितियों तक, अधिकतर नाम उनकी पसंद से तय किए जा रहे हैं। इससे गुटबाजी से दूर रहकर काम करने वाले कई कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर भी हलचल
नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर भी पार्टी ने एक बार फिर नाम मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसको लेकर विधायक, सांसद और महापौर स्तर पर समन्वय बनाने की कोशिश जारी है। माना जा रहा है कि जिला समितियों के साथ-साथ इस पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा।