अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार रात अचानक ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोकने का ऐलान कर दिया। यह ऑपरेशन होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, पाकिस्तान की अपील और ईरान के साथ संभावित समझौते को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इससे क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश मानी जा रही है।
ईरान ने फैसले को बताया अपनी जीत
ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका के इस कदम को अपनी जीत करार दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका इस रणनीतिक मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित करने में सफल नहीं हो पाया।
जहाजों की आवाजाही पर असर
ऑपरेशन के दौरान अमेरिका सोमवार को 2 और मंगलवार को केवल 1 जहाज को सुरक्षित निकाल पाया। जबकि सामान्य परिस्थितियों में हर दिन करीब 130 जहाज इस मार्ग से गुजरते थे।
ऑपरेशन के बाद बढ़ा तनाव
ऑपरेशन शुरू होते ही ईरान ने कड़ी चेतावनी दी थी कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता। इसके बाद साउथ कोरिया के एक जहाज पर हमला और United Arab Emirates में मिसाइल हमलों की खबरें सामने आईं।
अमेरिका का बयान
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पूरी हो चुकी है और अब फोकस ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर केंद्रित है।