कोलकाता:पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में आज कोलकाता पहुंच रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार
सूत्रों के अनुसार, नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज करने वाले सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे हैं। अमित शाह के करीबी माने जाने वाले शुभेंदु को ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देने का इनाम मिल सकता है। हालांकि, रेस में स्वपन दासगुप्ता, मिथुन चक्रवर्ती, दिलीप घोष और शमीक भट्टाचार्य जैसे नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन शाह का झुकाव शुभेंदु की ओर बताया जा रहा है।
9 मई को शपथ ग्रहण की तैयारी
भाजपा राज्य में 'बंगाली विरोधी' छवि को तोड़ने के लिए 25 बैसाख (9 मई) को रवींद्र जयंती के अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित कर सकती है।
स्थान: समारोह के लिए ब्रिगेड परेड ग्राउंड, शहीद मीनार या नेताजी इंडोर स्टेडियम पर विचार चल रहा है, क्योंकि राजभवन में वीवीआईपी मेहमानों के लिए जगह कम पड़ सकती है।
अतिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे।
सरकार को दिशा देगी 'सलाहकार समिति'
नई सरकार के सुचारू संचालन के लिए एक विशेष सलाहकार समिति (Advisory Committee) बनाने की योजना है। यह समिति नीतिगत मामलों और सरकार के विजन को लेकर मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन करेगी।
ऐतिहासिक पर्यवेक्षक की नियुक्ति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमूमन अमित शाह किसी राज्य में विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक बनकर नहीं जाते हैं। बंगाल के लिए उनकी नियुक्ति यह दर्शाती है कि भाजपा इस राज्य को कितनी प्राथमिकता दे रही है।