Bhopal | मध्य प्रदेश में आने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में ई-वोटिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए नया डिजिटल सिस्टम विकसित कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से मतदान की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, अभी ई-वोटिंग का सिस्टम पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग का आईटी विभाग इस व्यवस्था को विकसित करने पर काम कर रहा है। अंतिम रूप से यह सुविधा किन चुनावों में और कितने मतदाताओं के लिए लागू होगी, इसका फैसला सिस्टम तैयार होने और आवश्यक परीक्षण के बाद किया जाएगा।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में आंशिक ई-वोटिंग की तैयारी
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में आंशिक ई-वोटिंग लागू किए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य ऐसे मतदाताओं को मतदान का विकल्प उपलब्ध कराना है, जिनके लिए मतदान केंद्र तक पहुंचना मुश्किल होता है। इसमें विशेष रूप से बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग मतदाताओं को शामिल किए जाने की संभावना है। यदि व्यवस्था लागू होती है तो पात्र मतदाता घर से ही डिजिटल माध्यम के जरिए अपना वोट डाल सकेंगे। हालांकि, मतदान की प्रक्रिया, पात्रता, पहचान सत्यापन और सुरक्षा से जुड़े विस्तृत नियम आयोग की ओर से बाद में स्पष्ट किए जाएंगे।
मोबाइल और कंप्यूटर से वोट डालने की सुविधा
ई-वोटिंग व्यवस्था के तहत मतदाताओं को मोबाइल फोन या कंप्यूटर जैसे डिजिटल उपकरणों के जरिए घर बैठे मतदान करने की सुविधा देने की तैयारी है। इस व्यवस्था में सबसे अहम चुनौती मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना और मतदान की गोपनीयता बनाए रखना होगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई व्यक्ति एक से अधिक बार मतदान न कर सके और वोट की सुरक्षा बरकरार रहे। इसी वजह से सिस्टम को लागू करने से पहले तकनीकी स्तर पर परीक्षण और सुरक्षा संबंधी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग का IT विभाग तैयार कर रहा सिस्टम
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का आईटी विभाग ई-वोटिंग सिस्टम को विकसित करने पर काम कर रहा है। फिलहाल सिस्टम निर्माणाधीन है और इसे पूरी तरह तैयार होने में समय लग सकता है। सिस्टम तैयार होने के बाद इसकी कार्यप्रणाली, सुरक्षा और उपयोगिता का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही ई-वोटिंग को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।
बिहार के बाद मध्य प्रदेश में ई-वोटिंग की तैयारी
स्थानीय चुनावों में ई-वोटिंग का इस्तेमाल करने के मामले में बिहार का उदाहरण सामने है। बिहार में स्थानीय चुनावों के दौरान ई-वोटिंग की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा चुका है। यदि मध्य प्रदेश में प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो स्थानीय निकाय चुनावों में ई-वोटिंग का इस्तेमाल करने वाला यह देश का दूसरा राज्य हो सकता है।
ई-वोटिंग से क्या होगा फायदा?
ई-वोटिंग लागू होने पर ऐसे मतदाताओं को सुविधा मिल सकती है, जो स्वास्थ्य, उम्र या शारीरिक अक्षमता के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते। इससे मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, डिजिटल मतदान के साथ साइबर सुरक्षा, मतदाता की पहचान, वोट की गोपनीयता और सिस्टम की विश्वसनीयता जैसी चुनौतियां भी जुड़ी हैं। इसलिए आयोग के लिए तकनीकी व्यवस्था को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल मध्य प्रदेश में ई-वोटिंग की तैयारी शुरुआती चरण में है। सिस्टम पूरी तरह तैयार होने और आयोग की ओर से औपचारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में यह सुविधा किस दायरे में लागू की जाएगी।