Lucknow | उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक सुबह 11 बजे लोक भवन में प्रस्तावित है। बैठक में करीब 31 प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय की संभावना है। इनमें कृषि, रोजगार, उद्योग, शहरी विकास, परिवहन, चिकित्सा शिक्षा, जनकल्याण और तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल बताए जा रहे हैं। कैबिनेट बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर किसानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्रस्ताव
बैठक में प्रदेश की 1.80 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक-एक साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा दीपावली के मौके पर उज्ज्वला योजना के करीब 1.90 लाख लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की तैयारी से जुड़ा प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है।
राज्यपाल के लिए नई कार खरीदने का प्रस्ताव
कैबिनेट में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के लिए करीब 60 लाख रुपये की Kia Carnival गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है।
किसानों के लिए धान खरीद नीति पर फैसला संभव
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर धान खरीद की नीति को मंजूरी देने पर भी विचार किया जा सकता है। पिछली व्यवस्था में सामान्य धान का MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि ए ग्रेड धान का MSP 2,389 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके साथ ही मक्का, बाजरा और ज्वार की MSP पर खरीद नीति से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा संभव है।
आयुष विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी
आयुष कॉलेजों में पढ़ने वाले BAMS, BUMS और BHMS विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आ सकता है। इससे सरकारी और संबंधित आयुष संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने का प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो जिले के आधिकारिक नाम में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
औद्योगिक विकास और निवेश से जुड़े कई प्रस्ताव
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भी कई प्रस्ताव बैठक में रखे जाने की संभावना है। इनमें औद्योगिक कॉरिडोर के लिए सरकारी जमीन और सड़क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 लागू करने और औद्योगिक निवेश नीति के तहत भूमि आवंटियों को कामकाज में अधिक लचीलापन देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार प्रदेश में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन नीति लाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा कर सकती है।
18 शहरों में सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर और झांसी समेत 18 शहरों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं, गाजियाबाद की 41वीं वाहिनी पीएसी के पुराने भवनों को ध्वस्त करने की अनुमति से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक में आ सकता है।
नए शहरों के विकास के लिए फंड
मिर्जापुर-विंध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरणों को नए शहरों के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली-2016 के नियम 34 और 35 में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भी एजेंडे में बताया जा रहा है।
स्टार्टअप और AI को बढ़ावा देने पर जोर
प्रदेश में स्टार्टअप को सरकारी खरीद में बढ़ावा देने के लिए यूपी स्टार्टअप क्रय योजना-2026 लागू करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (AI Mission) की स्थापना और संचालन का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। इससे सरकारी सेवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में AI आधारित तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में नीति तैयार हो सकती है।
श्रम, चिकित्सा शिक्षा और टैक्स से जुड़े प्रस्ताव
कैबिनेट में उत्तर प्रदेश औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने पर भी विचार हो सकता है। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा सेवा की चतुर्थ संशोधन नियमावली-2026 को लागू करने का प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है। राज्य कर विभाग में उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने की तैयारी है। साथ ही GST से जुड़े प्रावधानों में बदलाव के लिए माल एवं सेवाकर संशोधन अध्यादेश-2026 का प्रस्ताव भी बैठक में आ सकता है।
मेरठ में निबंधन विभाग के कार्यालयों के लिए जमीन
मेरठ में निबंधन विभाग के कार्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाने की संभावना है।
कई क्षेत्रों में फैसलों पर नजर
कुल मिलाकर योगी कैबिनेट की इस बैठक में कृषि, रोजगार, उद्योग, शहरी विकास, परिवहन, चिकित्सा शिक्षा, टैक्स, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनकल्याण से जुड़े प्रस्तावों पर अहम फैसले संभव हैं। हालांकि, बैठक से पहले सामने आए प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रस्तावों में बदलाव या किसी एजेंडे को स्थगित किए जाने की संभावना भी बनी रहती है।