Lucknow | उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं और 2017 से पहले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को पीछे छोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने का संकल्प लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
36 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। उनके मुताबिक, 2017 में उत्तर प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 85 हो गई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ने से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है। इसका सीधा लाभ उन युवाओं को मिल रहा है जो मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
MBBS सीटों में भी बड़ा इजाफा
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में MBBS की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं। मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के साथ चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश के अवसर भी बढ़े हैं। सरकार का दावा है कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार का उद्देश्य केवल सीटों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश में डॉक्टरों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करना है।
घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण इलाज पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों या बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी।
10 करोड़ से ज्यादा लोग स्वास्थ्य योजनाओं से आच्छादित
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाले भारी खर्च से पात्र परिवारों को आर्थिक राहत देना है।
'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' से 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' तक
सीएम योगी ने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र के विस्तार को सरकार की व्यापक नीति से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' से 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा का भी विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को बनाया जा रहा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें किसी परिवार को इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि "उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक" पहुंचना ही स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान है।
डबल इंजन सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को दी गति
सीएम योगी ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को निर्णायक गति दी है। मेडिकल कॉलेजों, MBBS सीटों और स्वास्थ्य योजनाओं के विस्तार को उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव का प्रमुख आधार बताया। सरकार का जोर आगे भी चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण उपचार की उपलब्धता और आम नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर रहने की बात कही गई है।