भोपाल | मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय राज्योत्सव आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष समारोह की थीम ‘विरासत से विकास’ रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को शाम 6:30 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कृषि प्रदर्शनी, लोकनृत्य, व्यंजन मेले और पुरस्कार वितरण सहित कई आयोजन होंगे। बॉलीवुड गायिका मोनाली ठाकुर और लोकगायक मामे खान भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
30 और 31 अक्टूबर को निकलेंगी सांस्कृतिक गौरव यात्राएं
मुख्य समारोह से पहले 30 और 31 अक्टूबर को भोपाल के प्रमुख मार्गों पर दोपहर 12 बजे से सांस्कृतिक गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें मध्यप्रदेश और दूसरे राज्यों के 400 से अधिक लोक एवं जनजातीय कलाकार शामिल होंगे। कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की विविध विरासत की झलक दिखाएंगे।
71 बच्चों के सामूहिक गायन से होगी शुरुआत
1 नवंबर को स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत ‘देशराग’ कार्यक्रम से होगी। इसमें 71 बच्चे सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन करेंगे। इसके साथ पुलिस बैंड की प्रस्तुति भी होगी। लाल परेड ग्राउंड में आतिशबाजी का आयोजन भी किया जाएगा। पहली सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देंगी। वहीं, समारोह के दौरान लोकगायक मामे खान की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
102 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
समारोह में प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के तहत सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री चयनित छात्र-छात्राओं को मंच से एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। इसके अलावा किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज के प्रदेशभर के 165 विजेता किसानों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। पुरस्कारों में 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट मोटरसाइकिल और 55 ई-स्कूटर शामिल हैं।
दो दिन आम लोगों के लिए खुलेगी कृषि प्रदर्शनी
लाल परेड ग्राउंड में 2 और 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक कृषि प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें उन्नत बीज, जैविक कृषि इनपुट, आधुनिक कृषि यंत्र, स्मार्ट सिंचाई तकनीक और एग्री स्टार्टअप से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। प्रदर्शनी में किसानों को खेती की नई तकनीकों और आधुनिक संसाधनों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
‘राजाभोज का भोपाल’ सहित कई प्रदर्शनियां लगेंगी
राज्योत्सव में ‘विरासत से विकास’, ‘जन-कल्याण एवं विकास’ और 160 चित्रों पर आधारित ‘राजाभोज का भोपाल’ प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इनके जरिए मध्यप्रदेश के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को दर्शाया जाएगा। इसके साथ किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप भी लगाए जाएंगे। यहां स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों के बनाए सामान खरीदने का अवसर मिलेगा।
व्यंजन मेले में मिलेगा प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का अनुभव
राज्योत्सव के दौरान ‘स्वाद-देश’ व्यंजन मेले का आयोजन भी होगा। इसमें मध्यप्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और स्थानीय उत्पादों के बाजार के साथ यह आयोजन भोपाल के लोगों और बाहर से आने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। तीन दिवसीय राज्योत्सव के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, लोक परंपराओं, कृषि उपलब्धियों और विकास यात्रा को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।