नई दिल्ली | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था में बदलावों की जानकारी दी है। नए नियमों के तहत 2028 में होने वाली कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्रों के लिए 5 विषय अनिवार्य होंगे। इसके अलावा, वे एक अतिरिक्त स्किल सब्जेक्ट भी चुन सकेंगे। ये बदलाव शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर लागू होंगे।
CBSE 10th Exam 2028: पांच विषयों की परीक्षा अनिवार्य
CBSE के नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार, कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को पांच अनिवार्य विषयों की परीक्षा देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें एक अतिरिक्त स्किल सब्जेक्ट चुनने का विकल्प मिलेगा। बोर्ड के अनुसार, अतिरिक्त विषय का फायदा छात्रों को मैथ, साइंस या सोशल साइंस जैसे विषयों में असफल होने की स्थिति में मिल सकता है। वहीं, इंटरडिसिप्लिनरी एरिया और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मॉड्यूल स्टडी स्कीम में शामिल नहीं होंगे।
2028 से 10वीं में वोकेशनल एजुकेशन अनिवार्य
CBSE की डायरेक्टर (एकेडमिक्स) प्रज्ञा एम. सिंह के अनुसार, 2028 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए वोकेशनल एजुकेशन अनिवार्य होगी। इसके लिए छात्र कौशल विकास विषय या बोर्ड के 22 स्किल सब्जेक्ट्स में से किसी एक का चयन कर सकेंगे। मूल्यांकन के लिए विद्यार्थियों को दो विकल्प मिलेंगे। वे स्कूल में आंतरिक मूल्यांकन दे सकेंगे या बोर्ड परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्किल सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे।
CBSE 9वीं-10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू
CBSE ने कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी। इस बदलाव से दोनों कक्षाओं के करीब 50 लाख विद्यार्थी प्रभावित होंगे। हालांकि, 2026 की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा का पेपर नहीं होगा। विद्यार्थियों को तीसरी भाषा पढ़नी होगी, लेकिन फिलहाल उसकी बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
तीसरी भाषा की पढ़ाई के लिए कक्षा 6 की किताबें
CBSE ने स्पष्ट किया है कि जब तक तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक कक्षा 9वीं के विद्यार्थी कक्षा 6 की तीसरी भाषा की किताबों से पढ़ाई करेंगे। इसके अलावा, स्कूलों को स्थानीय और राज्य स्तर का साहित्य भी उपलब्ध कराना होगा। इसमें कविताएं, कहानियां और अन्य साहित्यिक सामग्री शामिल होगी। इससे पहले बोर्ड ने 9 अप्रैल को सर्कुलर जारी कर कक्षा 6 में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का निर्देश दिया था।