भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्यप्रदेश में रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को इंदौर, हरदा, खंडवा और देवास सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जबकि राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया और दिन के तापमान में करीब 5 डिग्री तथा रात के तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
इंदौर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक इंदौर में करीब 59 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। इसके अलावा मंडला में 44 मिमी, भोपाल में 35 मिमी, बालाघाट जिले के मलाजखंड में 30 मिमी, दतिया में 23 मिमी और बैतूल में 22 मिमी वर्षा दर्ज की गई। हरदा, खंडवा और देवास के कई क्षेत्रों में भी मूसलाधार बारिश हुई।
50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाएं
बारिश के साथ कई जिलों में तेज हवाएं भी चलीं। सीहोर, सागर, जबलपुर, खंडवा और हरदा में हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। वहीं ग्वालियर, रीवा, सतना, नीमच और मंदसौर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। शाम के समय उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा और शिवपुरी में भी तेज वर्षा दर्ज की गई।
खंडवा और बड़वानी में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए खंडवा और बड़वानी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उज्जैन, छिंदवाड़ा, बालाघाट, बुरहानपुर, खरगोन, धार, अलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सीहोर, नर्मदापुरम, जबलपुर और सागर सहित प्रदेश के करीब 45 जिलों में गरज-चमक और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में अब भी बारिश की कमी
एक जून से 3 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में औसत से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, लेकिन पूर्वी मध्यप्रदेश में अब भी सामान्य से 35 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय होगा, जिससे वर्षा की कमी में सुधार होने की संभावना है।