भोपाल। मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने समर वेकेशन के कारण अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए अब 16 जून को अंतिम सुनवाई निर्धारित की है।
अंतिम चरण में पहुंचा ओबीसी आरक्षण मामला
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में OBC Reservation Case से जुड़ा यह मामला अब अंतिम चरण में है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की डबल बेंच इस प्रकरण की सुनवाई कर रही है।
86 याचिकाएं लंबित, अंतिम सुनवाई 16 जून को
इस मामले में कुल 86 याचिकाएं लंबित हैं, जिन पर लगातार विस्तार से बहस जारी है। अदालत ने अब इस पूरे मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की है।
गुरुवार की सुनवाई में क्या हुआ?
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सामान्य वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी ने 27% ओबीसी आरक्षण का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि केवल जनसंख्या के आधार पर आरक्षण बढ़ाना संवैधानिक रूप से उचित नहीं है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी केस का हवाला देते हुए कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा का पालन जरूरी है और बिना ठोस सामाजिक अध्ययन के आरक्षण बढ़ाना संविधान के खिलाफ होगा।
ओबीसी पक्ष का आरोप, सरकार पर गंभीरता नहीं दिखाने का दावा
ओबीसी पक्ष के अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए जल्द सुनवाई जरूरी है।
हाईकोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट परिसर के बाहर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन भी किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।