भोपाल डेस्क।मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश की करीब 23 हजार पंचायतों में अप्रैल-मई 2027 के दौरान चुनाव कराए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से एक-दो महीने पहले चुनाव कराने की तैयारी में है। हालांकि, चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है।
पंचायत चुनाव से पहले राज्य सरकार पंचायत राज व्यवस्था में भी बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने और पंचायतों को नगरपालिका की तर्ज पर टैक्स लगाने का अधिकार देने की दिशा में काम किए जाने की जानकारी दी है। प्रस्तावित बदलाव नवंबर तक लागू किए जाने की तैयारी है।
नवंबर तक लागू हो सकती है नई पंचायत व्यवस्था
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित बदलावों के बारे में जानकारी दी। मंत्री के मुताबिक, पंचायत राज नियमों में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए एक महीने के भीतर अधिसूचना जारी करने की तैयारी है। सरकार नवंबर तक नई व्यवस्था लागू करना चाहती है।
प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम सभा की अनिवार्यता बनी रहेगी, लेकिन उसके अधिकार पंचायत समितियों को सौंपे जा सकते हैं। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो गांवों में स्थानीय निर्णय लेने और पंचायतों के कामकाज की मौजूदा व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकता है।
पंचायतों को नगरपालिका की तरह टैक्स लगाने का अधिकार
मध्यप्रदेश सरकार पंचायतों को नगरपालिका की तर्ज पर टैक्स लगाने का अधिकार देने पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य पंचायतों के पास स्थानीय विकास कार्यों के लिए अपने राजस्व के साधन बढ़ाना है।हालांकि, पंचायतें किन मदों में टैक्स लगा सकेंगी, किन लोगों या संपत्तियों पर टैक्स लागू होगा और इसकी दरें क्या होंगी, इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इन बिंदुओं पर अंतिम निर्णय और आधिकारिक नियमों का इंतजार है।
अप्रैल-मई 2027 में हो सकते हैं पंचायत चुनाव
प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल-मई 2027 में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। सरकार पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव कराने की तैयारी में है।मध्यप्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुआ था। आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची एक जनवरी 2027 की स्थिति के आधार पर तैयार किए जाने की बात कही गई है।
प्रदेश में 2,472 पंचायत भवन बनकर तैयार
मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में 2,472 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि पंचायत भवनों के डिजाइन में बदलाव किया गया है और अब इन्हें दो मंजिला बनाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पंचायत भवन के निर्माण के लिए 37.50 लाख रुपये दिए गए हैं।इन भवनों का उद्देश्य पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
3,700 से ज्यादा सामुदायिक भवनों का निर्माण
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक गतिविधियों के लिए 3,700 से अधिक सामुदायिक भवनों का निर्माण भी किया गया है। इन भवनों की निर्माण लागत 25 लाख से 48 लाख रुपये तक बताई गई है।पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों में कम से कम दो सामुदायिक भवन बनाए गए हैं। इनका उपयोग ग्रामीण बैठकों, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
पंचायत चुनाव से पहले नियमों में बदलाव पर नजर
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव 2027 से पहले सरकार पंचायत राज व्यवस्था में संशोधन और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। ग्राम सभा के अधिकारों में प्रस्तावित बदलाव और पंचायतों को टैक्स लगाने का अधिकार देने की योजना इस प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।यदि प्रस्तावित संशोधन लागू होते हैं, तो पंचायतों के प्रशासनिक अधिकारों और स्थानीय राजस्व व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। वहीं, आगामी पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को लेकर भी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।