मध्यप्रदेश में जनगणना के पहले चरण का कार्य जारी है, जो सितंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा। जनगणना कार्य के लिए प्रदेश के करीब 55 हजार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के तबादलों पर फिलहाल रोक लगा दी है।
विभागीय निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य पूरा होने तक इन शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए जाएंगे। इतना ही नहीं, तबादलों के लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल पर भी इनके आवेदन स्वीकार नहीं हो रहे हैं। आवेदन करने पर संदेश प्रदर्शित होता है कि संबंधित शिक्षक की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी है, इसलिए आवेदन मान्य नहीं है।
तबादला न होने से शिक्षकों में बढ़ी नाराजगी
कई शिक्षक पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से स्थानांतरण चाहते हैं। ऐसे में आवेदन न कर पाने की वजह से शिक्षकों में असंतोष देखा जा रहा है। शिक्षक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए मांग की थी कि जनगणना कार्य में ड्यूटी लगना शिक्षकों की मजबूरी है, इसलिए उन्हें तबादले के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
शिक्षकों की नाराजगी और मांगों को जनप्रतिनिधियों तथा मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचाया। उन्होंने इस विषय पर अधिकारियों से चर्चा करते हुए समाधान तलाशने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, तबादला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही लोक शिक्षण संचालनालय ने ऐसे शिक्षकों की अलग सूची तैयार कर पोर्टल पर दर्ज कराई थी, जिनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। इसी वजह से उनके आवेदन स्वतः निरस्त हो रहे हैं।
मंत्रियों ने भी उठाया मुद्दा
बताया जा रहा है कि मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष यह विषय रखा और कहा कि जनगणना में ड्यूटी लगना शिक्षकों की गलती नहीं है। ऐसे में उन्हें कम से कम तबादले के लिए आवेदन करने का अधिकार मिलना चाहिए। यदि किसी शिक्षक के कारण उचित हैं, तो उसके स्थानांतरण पर विचार किया जा सकता है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस तर्क से सहमति जताई है और अधिकारियों को ऐसा रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके।
जनगणना कार्य प्रभावित न हो, इस पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में जनगणना का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। वहीं, विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि ऐसा कौन-सा विकल्प निकाला जाए जिससे शिक्षकों को आवेदन की सुविधा मिल सके और जनगणना का काम भी बाधित न हो।
सूत्रों के अनुसार, जनगणना निदेशालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनगणना कार्य से सीधे जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाए। ऐसे में विभाग दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने के लिए संभावित समाधान पर विचार कर रहा है।