लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 से टेक होम राशन (THR) की नई रेसिपी लागू करने का फैसला किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के संशोधित मानकों के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए अधिक पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।
4 से बढ़कर 7 हुईं लाभार्थी श्रेणियां
नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की श्रेणियों को 4 से बढ़ाकर 7 कर दिया गया है। इसके साथ ही टेक होम राशन में 10 नई रेसिपियों को शामिल किया गया है। सभी रेसिपियां निर्धारित कैलोरी, बेहतर प्रोटीन और संतुलित नमक-चीनी की मात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
7 सूक्ष्म पोषक तत्वों से होगा फोर्टिफिकेशन
नई THR व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी राशन पैकेट सात प्रमुख सूक्ष्म पोषक तत्वों से फोर्टिफाई किए जाएंगे। इनमें आयरन, कैल्शियम, जिंक, विटामिन-A, फोलेट, विटामिन-B6 और विटामिन-B12 शामिल हैं। इससे महिलाओं और बच्चों में पोषण संबंधी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
अलग-अलग वर्गों के लिए अलग ब्रांड
विभाग ने विभिन्न आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार अलग-अलग ब्रांड और राशन मात्रा तय की है।
- गर्भवती एवं धात्री माताओं को ‘संपूर्ण मातृ आहार’ ब्रांड के तहत आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग दाल खिचड़ी के दो-दो पैकेट प्रतिमाह दिए जाएंगे।
- सामान्य बच्चों के लिए ‘शिशु अमृत’, ‘शिशु आहार’ और ‘बाल पुष्टिकर’ ब्रांड के तहत हलवा, बर्फी और खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।
- कुपोषित बच्चों को ‘आरोग्य पोषण’, ‘बाल संजीवनी’ और ‘सक्षम पोषण’ ब्रांड के तहत ऊर्जा युक्त हलवा और दलिया 3 से 5 पैकेट प्रतिमाह तक दिए जाएंगे।
एफआरएस के माध्यम से होगा वितरण
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार के टेक होम राशन का वितरण एफआरएस (Food Resource System) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने का लक्ष्य
सरकार का मानना है कि नई THR रेसिपी और फोर्टिफाइड पोषण सामग्री के माध्यम से प्रदेश में कुपोषण की दर में कमी आएगी। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा और बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।